अमेरिका ने भारतीय सोलर उत्पादों पर लगाया 125% का टैरिफ
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिका ने भारतीय सौर ऊर्जा क्षेत्र को बड़ा झटका देते हुए भारत से आयात होने वाले कुछ सौर उत्पादों पर 125.87 प्रतिशत का प्रारंभिक 'काउंटरवेलिंग ड्यूटी' (CVD) लगाने की घोषणा की है. अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने 24 फरवरी, 2026 को जारी एक आदेश में कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि नई दिल्ली द्वारा इन उत्पादों को दी जाने वाली सब्सिडी से अमेरिकी घरेलू उद्योग को नुकसान हो रहा है.
भारत के अलावा इंडोनेशिया और लाओस से आने वाले सोलर सेल और मॉड्यूल पर भी अलग-अलग दरों से ड्यूटी लगाई गई है.
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह ड्यूटी ट्रंप प्रशासन द्वारा सभी देशों पर लगाए गए 10 प्रतिशत के सामान्य टैरिफ से पूरी तरह अलग है.
आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में भारतीय सोलर उत्पादों का आयात साल 2022 के 83.86 मिलियन डॉलर से तेजी से बढ़कर 2024 में 792.6 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है.
वर्तमान में इन उत्पादों पर डंपिंग विरोधी जांच भी चल रही है और इस मामले पर अंतिम फैसला 6 जुलाई, 2026 तक आने की उम्मीद है. काउंटरवेलिंग ड्यूटी का मुख्य उद्देश्य घरेलू कंपनियों को दूसरे देशों से आने वाले सस्ते और सब्सिडी वाले आयात के प्रभाव से बचाना है.