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बिना पूर्व पर्यावरण मंजूरी के नहीं शुरू हो सकती परियोजनाएं- सुप्रीम कोर्ट

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29 जुल. 2026, 07:47 AM 1 मिनट में पढ़ें 1

सुप्रीम कोर्ट
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नई दिल्ली । डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए केंद्र सरकार के 2021 के उस ऑफिस मेमो (OM) को रद्द कर दिया है, जिसके तहत बिना पूर्व पर्यावरण मंजूरी के शुरू हुई परियोजनाओं को बाद में (बैकडेट से) मंजूरी देने का तंत्र बनाया गया था.


प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने सर्वसम्मति से दिए अपने फैसले में स्पष्ट किया कि पर्यावरण नियमों के तहत पूर्व मंजूरी (प्रायर एनवायरनमेंटल क्लियरेंस) ही मुख्य नियम है. कोई भी प्रोजेक्ट पहले काम शुरू करके बाद में मंजूरी का दावा नहीं कर सकता.


अदालत ने सरकार को राहत देते हुए यह निर्देश भी दिया कि यह फैसला भविष्य से लागू होगा, जिससे जिन परियोजनाओं को पहले मंजूरी मिल चुकी है, उन पर इसका असर नहीं पड़ेगा. 


हालांकि, पीठ ने कहा कि विशेष परिस्थितियों और जनहित में सरकार एक निश्चित समय-सीमा के लिए वैधानिक अधिसूचना के माध्यम से एमनेस्टी योजना ला सकती है, लेकिन ऐसा केवल कार्यकारी आदेशों से या स्थायी व्यवस्था बनाकर नहीं किया जा सकता. 


इसके अलावा, संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत सर्वोच्च अदालत को ही विशेष मामलों में बाद में मंजूरी देने का अधिकार रहेगा.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP