246 सैन्य ठिकानों, छावनियों और सड़कों के नाम बदले
सेना ने मिटाईं गुलामी की निशानियां: 246 सड़कों और इमारतों को मिले शहीदों के नाम
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्र सरकार ने देशभर के सैन्य ठिकानों और छावनियों में ब्रिटिश काल के 246 नामों को बदल दिया है.
इन सड़कों, इमारतों और परिसरों का नाम अब उन महान गैलेंट्री अवार्ड विजेताओं, स्वतंत्रता सेनानियों और सैन्य दिग्गजों के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने देश की रक्षा और आजादी में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बदले गए नामों में 124 सड़कें, 77 आवासीय कॉलोनियां, 27 इमारतें और 18 अन्य संरचनाएं जैसे पार्क और खेल के मैदान शामिल हैं.
प्रमुख बदलावों की बात करें तो दिल्ली छावनी की 'मॉल रोड' अब परमवीर चक्र विजेता के सम्मान में 'अरुण खेत्रपाल मार्ग' कहलाएगी, जबकि 'किर्बी प्लेस' का नाम बदलकर 'केनुगुरुसे विहार' कर दिया गया है.
जयपुर छावनी की 'क्वींस लाइन रोड' अब 'सुंदर सिंह मार्ग' और मथुरा की 'न्यू हॉर्न लाइन' अब 'वीर अब्दुल हमीद लाइन्स' के नाम से जानी जाएगी.
भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून में भी 'किंग्सवे ब्लॉक' का नाम बदलकर 'कारगिल ब्लॉक' किया गया है.
सबसे ऐतिहासिक बदलाव कोलकाता के 'फोर्ट विलियम' में देखा गया है, जिसे अब 'विजय दुर्ग' का नाम दिया गया है और इसके 'डलहौजी बैरक' को अब 'नेताजी बैरक' के नाम से पहचाना जाएगा.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के 2021 के प्रस्ताव के बाद शुरू हुई यह प्रक्रिया अब पूर्णता की ओर है, जिसका उद्देश्य औपनिवेशिक प्रतीकों को हटाकर भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित करना है.
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