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T-20 में टीमें सभी शेर: अश्विन

क्रिकेटर अश्विन ने टी-20 की सभी टीमों को ‘शेर’ करार दिया है. उनकी नज़र में कोई टीम सवा शेर नहीं है. दुनिया के बेहतरीन ऑफ स्पिनरों में शुमार भारत के रविचंद्रन अश्विन की नजर में भारत की मेजबानी में मार्च-अप्रैल में होने वाले आगामी टी-20 विश्व कप में हिस्सा लेने वाली सभी टीमें ‘शेर’ हैं लेकिन कोई ‘सवा शेर’ नहीं. अश्विन ने कहा कि इस फॉरमेट में भारत को बांग्लादेश जैसी टीम से भी खतरा है क्योंकि वह आज की तारीख में किसी भी टीम को हराने की क्षमता रखती है.

अश्विन ने एक साक्षात्कार में कहा कि श्रीलंका के साथ होने वाली तीन मैचों की आगामी टी-20 सीरीज और बांग्लादेश में होने वाले एशिया कप (टी-20 फारमेट) विश्व कप के लिहाज से भारत के लिए कर्टन रेजर साबित होंगे. अश्विन के मुताबिक आज की तारीख में नम्बर-1 टी-20 टीम होते हुए भी भारतीय टीम किसी भी टीम को कमतर नहीं आंक रही है.

अश्विन ने कहा, “सभी टीमों को एक दूसरे से खतरा है. इस तरह के टूर्नामेंट में सबसे अहम यह होता है कि टीमें इसके लिए निर्धारित समय में किस तरह से खेलती हैं. अगर विश्व कप के 15 दिनों में कीवी या फिर बांग्लादेश टीम टीम अच्छा खेली तो वह जीतेगी और अगर हम अच्छा खेले तो हम जीतेंगे. ऐसे में हर टीम एक दूसरे के लिए खतरा है. नॉकआउट स्टेज तक जाते-जाते आप कितना लय हासिल करते हैं, यह महत्वपूर्ण है. आप किसी टीम को कमतर नहीं आंक सकते. हर टीम के पास अच्छे पॉवरस्ट्राइकर हैं और अच्छे गेंदबाज भी हैं.”

भारत की टी-20 विश्व की तैयारियों के बारे में पूछे जाने पर अश्विन ने कहा, “हमने बीते कुछ समय में अधिक टी-20 क्रिकेट नहीं खेला है, ऐसे में एशिया कप और श्रीलंका के साथ होने वाली सीरीज हमारे लिए एक लिहाज से विश्व कप के लिए कर्टन रेजर साबित होंगे. एशिया कप से हमें अभ्यास और अपनी कमियों पर काम करने का अच्छा मौका मिलेगा. साथ ही हमें अपने संयोजन पर भी काम करने का मौका मिलेगा.”

विश्व कप के लिए शुक्रवार को टीम का चयन किया गया. इसमें मोहम्मद समी की वापसी हुई है जबकि पवन नेगी और जसप्रीत बुमराह पहली बार विश्व कप खेलने के लिए टीम में शामिल किए गए हैं. बुमराह आस्ट्रेलिया में खेले थे जबकि नेगी श्रीलंका के साथ होने वाली घरेलू सीरीज के लिए टी-20 टीम में शामिल किए गए हैं.

अश्विन ने कहा कि भारतीय टीम अभी आस्ट्रेलिया में तीन मैचों की टी-20 सीरीज 3-0 से जीतकर लौटी है लेकिन वहां के हालात भारत से भिन्न हैं क्योंकि वहां के मैदान बड़े हैं तथा विकेट भी अलग है. भारत में भारतीय टीम को इससे उलट हालात के साथ तालमेल बनाने की जरूरत है.

अश्विन बोले, “भारत में मैदान छोटे हैं और अभी हम बड़े मैदानों पर खेलकर आए हैं. ऐसे में हमें खुद को भारतीय हालात के हिसाब से ढालना होगा. एशिया कप में जब हम पाकिस्तान या बांग्लादेश से खेलेंगे तो हमें सावधान रहना होगा क्योंकि मुझे याद है कि अंतिम बार जब बांग्लादेश दौरे पर गए थे, तब हम हार गए थे. एशिया कप के बाद जब हम भारत लौटेंगे तब हमें एक बार फिर से मैदान के आकार, विकेट की पेस और अन्य बातों को ध्यान में रखना होगा. हम एशिया कप और श्रीलंका के साथ होने वाली सीरीज को एक लिहाज से सीखने वाला दौरा मान रहे हैं.”

अश्विन ने बांग्लादेश के एक मजबूत टीम करार दिया. इस टीम को टी-20 क्वालीफाइंग खेलना है और यह भारत के साथ एक ग्रुप में जगह बना सकती है. अश्विन बोले, “बांग्लादेश की टीम काफी अच्छी है और हम उन्हें हल्के में नहीं ले सकते. हमें एशिया कप में एक बार फिर से अपने संयोजन को खंगालना होगा. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम टीम के लिए जरूरी भूमिका में फिट बैठ रहे हैं या नहीं.”

आईसीसी ने हाल ही में कहा था कि मैदान में विकेट लेने के बाद विपक्षी खिलाड़ियों के साथ अभद्रता से पेश आने और अनावश्यक जश्न मनाने की टीमों की आदत पर नजर रखेगा क्योंकि इससे इस खेल का मर्म खत्म होता जा रहा है. इसे लेकर अश्विन ने कहा कि उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि आईसीसी ऐसा क्यों कर रहा है, लेकिन उनकी नजर में किसी भी टीम को किसी खिलाड़ी को आहत नहीं करना चाहिए.

अश्विन ने कहा, “मैं नहीं समझ पा रहा हूं कि आईसीसी ऐसा क्यों कर रहा है. आम तौर पर आप नियम तोड़ने के लिए आजाद नहीं होते क्योंकि आप पर जुर्माने का खतरा होता है, लेकिन अभी हो रहा है, वह समझ से बाहर है. हां, मेरा मानना है कि विकेट लेने का जश्न एक सीमा में रहकर मनाना चाहिए, किसी खिलाड़ी को नाराज करने का आपका मकसद नहीं होना चाहिए. जहां तक मेरी बात है तो मैं मैदान पर ज्यादा जश्न नहीं मनाता. मैं विकेट लेकर खुश होता हूं और उस खुशी को अपने अंदर ही अधिक रखने की कोशिश करता हूं.”

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