IAS समीर विश्नोई गये जेल, निलंबन नहीं होने पर सवाल

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के आरोपी आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई को रायपुर की अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.

विपक्षी दल भाजपा ने सवाल उठाया है कि गिरफ़्तारी के एक पखवाड़े बाद भी भूपेश बघेल की सरकार आरोपी अफसर को निलंबित नहीं कर रही है.

समीर विश्नोई को 14 दिनों तक ईडी ने रिमांड पर ले कर पूछताछ की करने के बाद गुरुवार को अदालत में पेश किया था.

विश्नोई के साथ गिरफ़्तार कोयला कारोबारी सुनील अग्रवाल और लक्ष्मीकांत तिवारी को भी अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में गुरुवार को जेल भेजने का आदेश दिया.

समीर विश्नोई के घर में लगभग 2 करोड़ का 4 किलो सोना और 20 कैरेट हीरा मिला था. इसके अलावा 47 लाख रुपए नगद भी मिले थे.

14 दिन तक ईडी की रिमांड में रहे

प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई को इस महीने की 11 तारीख को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था. इसके बाद 13 अक्टूबर को ईडी ने इन्हें गिरफ़्तारी के बाद स्थानीय अदालत में पेश किया था.

मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों में ईडी ने समीर विश्नोई के अलावा कारोबारी सुनील अग्रवाल और लक्ष्मीकांत तिवारी को भी पकड़ा था.

अदालत में ईडी ने इन सभी से पूछताछ के लिए 14 दिन की रिमांड मांगी थी.

लेकिन अदालत ने आठ दिन की रिमांड मंजूर की थी.

21 अक्टूबर को 8 दिन की मियाद पूरी होने के बाद ईडी ने इन सब को अदालत में प्रस्तुत किया था, जहां से इन्हें फिर से 6 दिनों की रिमांड में भेज दिया गया था.

विपक्ष ने निलंबन नहीं होने पर उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री आरोपी अफसर पर कार्रवाई को लेकर पहले ही विरोध जता चुके हैं.

भूपेश बघेल ने भ्रष्टाचार के आरोपी अफसरों के खिलाफ ईडी की कार्रवाई को लेकर साफ-साफ कहा है कि भाजपा सीधे लड़ नहीं पा रही है तो ईडी-आईटी, डीआरआई के माध्यम से लड़ने की कोशिश कर रही है. मैं पहले ही कह चुका हूं कि ये और आएंगे. यह आखिरी नहीं है.

भूपेश बघेल कह चुके हैं कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएगा इनकी यात्राएं बढ़ेंगी. यह डराने-धमकाने का ही काम है, उसके अलावा कुछ नहीं.

इधर छत्तीसगढ़ में विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार आईएएस समीर विश्नोई व अन्य के विरुद्ध राज्य शासन द्वारा निलंबन की कार्यवाही न किये जाने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विश्नोई को पहले 14 दिन की ईडी रिमांड और अब पुनः 14 दिन की जेल अभिरक्षा मिलने के बाद भी राज्य शासन द्वारा निलंबन आदेश जारी नहीं करना आखिर क्या प्रदर्शित कर रहा है?

नारायण चंदेल ने भूपेश बघेल सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि शासन आखिर किस मजबूरी में इनका निलंबन नहीं कर पा रहा है? सरकार की इनसे क्या साठगांठ है?

श्री चंदेल ने एक बयान में कहा है किस अधिकारियों के घर से नकद राशि बरामद हो गई, किलो के भाव में सोना मिल गया, तथ्यों के प्रकाश में मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत आरोपियों को जमानत नहीं दे रही है. इसके बावजूद भी इनका निलंबन नहीं होना यह साफ संकेत दे रहा है कि सरकार की इन आरोपियों से साठगांठ है.

नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने भूपेश बघेल सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वैसे भी यह स्पष्ट नियम है कि शासन का कोई अधिकारी अगर 24 घंटे से ज्यादा जेल में रहता है तो वह स्वतः निलंबित माना जाता है.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कई दिन जेल में रहने के बाद भी सरकार ने निलंबन का आदेश जारी नहीं किया, यह अपने आप में एक बड़ा आश्चर्य है.

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