छत्तीसगढ़: बेखबर गृहमंत्री

रायपुर | संवाददाता: मस्तूरी में रेप हुआ या नहीं इससे गृहमंत्री बेखर हैं. बिलासपुर जिले के मस्तूरी में हुये युवती की हत्या के पहले रेप हुआ था कि नहीं इस मामले में राज्य के गृहमंत्री रामलेवक पैकरा बेखर हैं. उऩकी इस बेखरी पर विपक्ष बिफर पड़ा. बाद में संसदीय राज्यमंत्री अजय चंद्राकर तथा राजस्व मंत्री प्रमप्रकाश पाण्डेय ने मोर्चा संभाला.

गृहमंत्री ने सदन में स्वीकारा कि मस्तूरी में युवती के की हत्या हुई है, मगर रेप की पुष्टि नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि संदेह के चलते दो दिन बाद धारा 376 लगाया गया है. गृहमंत्रई के इस बयान पर सदन में खूब हंगामा हुआ. यह मामला ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से बसपा के केशव चंद्रा और दिलीप लहरिया ने उठाया था. गृहमंत्री के बयान से असंतुष्ट गर्भगृह में आ गये.


गृहमंत्री ने बताया कि इस मामले में 400 लोगों से पूछताछ हुई है तथा 200 लोगों के बयान दर्ज किये गये हैं. नौ संदेहियों का नारको टेस्ट भी होने वाला है. कांग्रेस के भूपेश बघेल ने पूछा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या आया है. इसका जवाब गृहमंत्री ने दिया कि पोस्टमार्टम में गला दबाकर मारने की पुष्टि हुई है. उशमें रेप की बात नहीं आई है. तब भूपेश बघेल ने कहा क्या संदेह के आधार पर रेप का मामले दर्ज किया गया है. उन्होंने गृहमंत्रई पर गोलमोल जवाब देने का आरोप लगाया.

गौरतलब है कि बिलासपुर जिले के जयरामनगर के चावला मेडिकल स्टोर में काम करने वाली 19 वर्षीय लड़की की अज्ञात लोगों ने 6-7 जनवरी की रात हत्या कर उसे जयरामनगर के देवगांव मार्ग पर खुडूभाटा में फेंक दिया था. 8 जनवरी को इससे आक्रोशित गांव वालों ने मस्तूरी थाने के सामने शव रखकर घंटाभर चक्का जाम किया. कुछ संगठनों ने इस रेप तथा हत्या विरोध में 9 जनवरी को बिलासपुर बंद का आव्हान् किया था.

बता दें कि लड़की जयरामनगर के चावला मेडिकल स्टोर में काम करती थी. प्रतिदिन वह सुबह के 9 बजे साइकिल से दुकान आती तथा शाम को 5 बजे के आसपास घर चली जाती थी. शुक्रवार 6 जनवरी को जब वह घर नहीं पहुंची तो उसके पिता नरेश खांडे अपने परिचित के साथ जयरामनगर के मेडिकल स्टोर पर पहुंचे. जहां पर उन्हें जानकारी दी गई कि वह रोज की तरह शाम को घर चली गई है.

शनिवार 7 जनवरी को सुबह लड़की का शवखुडूभाटा में पड़ा मिला. उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे. पास में ही उसकी साइकिल तथा चप्पल पड़े हुये थे. घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी तथा टीआई मौके पर पहुंचे. मौके का मुआयना करके शव को पोस्टमार्ट के लिये भेज दिया गया. पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया था.

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के मरवाही के विधायक अमित जोगी ने 12 जनवरी को आईजी बिलासपुर से मिलकर मस्तूरी रेप व हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराने की मांग की. अमित जोगी ने आरोप लगाया कि वे खुद बुधवार को मामले की विवेचना करने गये थे. जहां पर उन्होंने पाया कि युवती के घर देवगांव से जयरामनगर जाने के बीच के चार किलोमीटर के रास्ते में शराब की 2 अवैध दुकानें चल रही है. अमित जोगी का कहना है कि अवैध शराब दुकान शासन-प्रशासन के संरक्षण में चल रहा है. साथ ही स्थानीय पुलिस के कुछ कर्मियों के अवैध शराब दुकान के मालिकों के साथ सांठ-गांठ है.

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