पटेल कहते मोदी ने राजधर्म नही निभाया: राजमोहन

Monday, November 4, 2013

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राजमोहन गांधी

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: महात्मा गांधी के पौत्र, राजमोहन गांधी ने कहा है कि यदि आज सरदार पटेल होते तो मोदी से दुखी तथा निराश होते. राजमोहन गांधी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह बात बिल्कुल स्पष्ट है कि पटेल सिर्फ एक राजनीतिज्ञ के तौर पर ही नहीं बल्कि गुजरात के निवासी होने की वजह से भी इस बात से बहुत निराश, दुखी और परेशान होते कि ऐसी घटनाएं गुजरात में नहीं होनी चाहिए थीं और तत्कालीन सरकार इसे रोकने में सक्षम नहीं रही थी.’

ज्ञात्वय रहे कि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के घोषित उम्मीदवार तथा गुजरात के मुख्यमंत्री अपने को सरदार पटेल के उत्तराधिकारी के तौर पर पेश कर रहे हैं. ऐसे में एक टीवी कार्यक्रम में सरदार पटेल की जीवनी लिखने वाले राजमोहन गांधी का उनके उपर इस प्रकार से टिप्पणी करना अपने आप में बहुत ही महत्वपूर्ण बात है.

उन्होंने कहा, ‘अगर मोदी इस छवि में उभरे होते तो बहुत अच्छा होता ,लेकिन दो वजहों से वह मात खा जाते हैं. पटेल ने गांधी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की छत्रछाया में एक शिष्य की तरह अपना विकास किया. मोदी ने यह शुरुआत आरएसएस की छत्रछाया में की. यह एक बड़ा अंतर है.’

मोदी की कार्यप्रणाली पर राजमोहन गांधी ने कहा कि ‘इसके अलावा एक व्यक्ति के रूप में पटेल हमेशा से एक समूह का निर्माण करने वाले रहे हैं, दूसरे लोग उनके दैनिक जीवन में मुख्य भूमिका रखते थे. जबकि मोदी ऐसे हैं कि ..मैं चाहूंगा कि वह ऐसे ही रहें.’

राजमोहन गांधी ने टीवी कार्यक्रम में यह भी कहा कि यदि आज सरदार पटेल होते होते तो कहते कि नरेन्द्र मोदी ने गुजरात दंगों में राजधर्म नही निभाया है.

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