सोशल मीडिया का फर्जीवाड़ा

Friday, November 29, 2013

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फेसबुक पर टिप्पणी

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: कोबरा पोस्ट के खुलासे के अनुसार देश में सोशल मीडिया का भारी फर्जीवाड़ा चल रहा है. जिसका लाभ सबसे ज्यादा भाजपा तथा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी उठा रहें हैं. कोबरा पोस्ट ने यह खुलासा कई स्टिंग आपरेशन करने के बाद किया है. खुलासे में बताया गया है कि ये आईटी कंपनियां पैसे लेकर आप को फर्जी तरीके से फेसबुक तथा ट्वीटर का सरताज बना देने की कूबत रखती है. उन्होंने कोबरा पोस्ट को स्टिंग आपरेशन में बताया है कि उनकी सेवाएं लेने में भाजपा सबसे अग्रणी है.

कोबरा पोस्ट के खुलासे से यह पता चलता है कि से तथाकथित आईटी कंपनियां सोशल मीडिया में किसी की भी भद्द करने में कोई कसर नही छोड़ती है. इन्होंने कोबरा पोस्ट को बताया है कि फेसबुक में लाखों फर्जी समर्थक मनाना उनके लिये कोई बड़ी बात नही है. ऐसा वे करते भी हैं तथा कई नेताओं के प्रोफाइल में इन्होंने लाखो फर्जी समर्थक भी बना दिये हैं. यदि ट्वीदर में फालोवर खरीदना है तो इसके लिये तगड़ी रकम चुकानी पड़ती है. इतना ही नही वरन् नेताओं पर होने वाले नकारात्मक टिप्पणियों को विलोपित भी कर दिया जाता है. यह काम उनके सेवाओं में उपलब्ध है.

ये तथाकथित आईटी कंपनियां पैसे के एवज में प्रतिद्वंदी नेता के खिलाफ प्रचार चलाने से भी गुरेज नही करती है. प्रचार तथा कुप्रचार अमरीका तथा कोरिया के इंटरनेट पते से किया जाता है ताकि यह न पता चले कि यह कौन कर रहा है. कई बार तो किसी और के इंटरनेट पते को हैक करके उसी से यह कुकर्म किया जाता है. सावधानी इतनी बरती जाती है कि उपयोग के पश्चात् कंम्प्यूटर को ध्वस्त कर दिया जाता है. ये आईटी कंपनियां हर एक घंटे में अपना इंटरनेट का पता बदलती रहती है जिसे खोजना नामुमकिन होता है. कोबरा पोस्ट के खुलासे से यह बात भी खुलकर सामने आयी है कि इन कंपनियों ने मुस्लिमों के फर्जी फेसबुक तथा ट्वीटर का अकांउट बना रखा है जिससे नेता जी के बारे में मुस्लिमें के विचार बदल जाये.

कोबरा पोस्ट के स्टिंग आपरेशन जिसे ‘आपरेशन ब्लू वायरस’ का नाम दिया गया है से इस बात का भी भंडाफोड़ होता है ये तथाकथित आईटी कंपनियां भिगतान नगद में ही लेती है ताकि किसी प्रकार का सबूत नही रहता है. आवश्यकता पड़ने पर प्रतिद्वंदी का कंम्प्यूटर हैक कर के उसका गलत इस्तेमाल भी करते हैं. इस भंडाफोड़ में बताया गया है कि इन तथाकथित आईटी कंपनियों का सबसे ज्यादा उपयोग भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने किया है. कोबरा पोस्ट के इस खुलासे के बाद अब यह बात खुलकर सामने आ गयी है कि सोशल मीडिया में नरेन्द्र मोदी के जो प्रशंसक हैं उनकी वास्तविकता क्या है.

अपने स्टिंग आपरेशन में कोबरा पोस्ट ने देश के करीब दो दर्जन तथाकथितत आटईटी कंपनियों का स्टिंग आपरेशन किया है. इससे खुलासा होता है कि किस प्रकार से पैसे के बल पर सोशल मीडिया में किसी को भी बदनाम या प्रसिद्ध किया जा सकता है. सबसे हैरत की बात है कि ऐसा किया भी जा रहा है.

कानून के जानकारों के अनुसार तथाकथित आईटी कंपनियों द्वारा जो किया जा रहा है वह आयकर कानून 1961, सूचना तकनीक का कानून 2000 तथा भारतीय दंड संहिता के अनुसार दंडनीय अपराध है. उदाहरण के तौर पर किसी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना या चुटकुला लिखना मानहानि की श्रेणी में आता है. इसी प्रकार किसी का अकांउट हैक करना भी कानूनन जुर्म है.

बहरहाल इन कंपनियों का धंधा चुनाव के पहले जोरो पर चल रहा है. अब से सोशल मीडिया में किसी को भी यदि प्रसिद्ध पाते हैं तो पहले जांच ले कि उसके कितने फर्जी तथा कितने वास्तविक समर्थक हैं.

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