हाथियों से नूर ने बचाया बच्चों को

Saturday, December 21, 2013

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नूर बी

कोरबा | संवाददाता: कोरबा मे निहत्थे एक महिला ने जंगली हाथियो से तीन बच्चों को बचा लिया. . मामला छत्तीसगढ़ के कोरबा इलाके का है, जहां हाथियो के आंतक थमने का नाम नही ले रहा है. एक बार फिर कोरबा वन परिक्षेत्र के केरवा गांव मे एक दंतैल ने शुक्रवार की शाम जमकर उत्पात मचाते हुये घर मे खाना बना रही महिला पर हमला कर दिया. इस घटना मे 35 वषीय नूर बी नामक महिला गंभीर रुप से घायल हो गई. शुक्रवार की शाम 7 बजे के लगभग हाथी की चिंघाड़ सुनाई दी थी. उस समय नूर बी अपने तीन बच्चो के साथ घर में थी.

नूर बी के अनुसार एक जंगली हाथी ने अपनी सूंड में लकड़ी ले कर नूर बी और उनके बच्चों पर हमला कर दिया. लेकिन नूर बी ने बिना घबराये अपने तीनों बच्चों को संभाला और हाथी के सामने से किसी तरह बच निकलने में कामयाब हो गईं. लकड़ी मारे जाने से घायल नूर बी ने जब मदद के लिये आवाज़ लगाई और गांव के लोग पहुंचे तो हाथी जंगल की ओर चला गया.

हाथी ने नूर बी के घर को पूरी तरह तोड दिया है. घटना की जानकारी लगते ही वन अमला मौके पर पहुंचकर नूर बी को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भरती कराया. हालांकि अभी तक नूर बी को वन विभाग ने तत्कालिक सहायता राशि उपलब्ध नहीं कराई है.

गौरतलब है कि कोरबा वन मंडल मे 70 हाथियों का झुंड घुस आया है. पिछले एक महीने मे 3 लोग इन हाथियों के चपेट में आ कर अपनी जान गंवा चुके हैं. कई लोग हाथियों के कारण घायल भी हुये हैं. लेकिन वन विभाग का अमला एक जंगल से दूसरे जंगल तक हाथियों को खदेड़ने के अलावा कुछ भी नहीं कर पा रहा है. जिस इलाके को प्रोजेक्ट एलिफेंट के लिये चुना गया था, उस इलाके को राज्य सरकार ने कोयला कनन के लिये दे दिया है. ऐसे में हाथियों के आतंक के किस्से दिन ब दिन और बढ़ेंगे, इस बात से वन विभाग इंकार करने की स्थिति में नहीं है.

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