आकाशवाणी पहुंचा युवाओं तक

Wednesday, October 9, 2013

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आकाशवाणी

नई दिल्ली | एजेंसी: देश में प्रसारित हो रहे सभी रेडियो चैनल पहले से ही मोबाइल एवं इंटरनेट पर मौजूद हैं, लेकिन सबसे पुराना ऑल इंडिया रेडियो अब तक मोबाइल और इंटरनेट से अनुपस्थित था. लेकिन अब देश का सार्वजनिक रेडियो चैनल अपनी पुरातन छवि को बदलने की कोशिश कर रहा है.

युवाओं को विशेष तौर पर आकर्षित करने के लिए एआईआर ने एसएमएस के जरिए समाचार सेवा शुरू की है, और इसके साथ-साथ फेसबुक एवं ट्विटर पर भी उपस्थिति दर्ज करवा चुका है.

एआईआर की महानिदेशक अर्चना दत्ता ने कहा, “अंतर्राष्ट्रीय खबरों एवं खेल की खबरों के साथ-साथ मुख्यत: दिन की तीन बड़ी खबरों के शीर्षक वाली समाचार संदेश सेवा एक दिन में तीन बार प्रदान की जा रही है.”

दत्ता ने एक साक्षात्कार में कहा, “एआईआर की एसएमएस सेवा बहुत लोकप्रिय हो चुकी है. हमसे प्रतिदिन अधिक संदेशों की मांग वाले अनुरोध मिल रहे हैं.. अब यह संदेश एक दिन में तीन बार भेजे जाते हैं. लाभ के आधार पर हम इसकी संख्या में वृद्धि करेंगे.”

उन्होंने कहा कि एसएमएस के जरिए अधिक से अधिक समाचार प्रदान करने के लिए आकाशवाणी को मंत्रालयों से अतिरिक्त अनुरोध प्राप्त होने की उम्मीद है.

दत्ता ने कहा, “एसएमएस सेवा चूंकि मुफ्त होती है, लेकिन हर एसएमएस संदेश भेजने पर कुछ लागत आती है… हम आकाशवाणी के मौजूदा वित्त पर अतिरिक्त भार नहीं डालना चाहते. हम लाभ कमा रहे हैं और खर्च कर रहे हैं.”

आकाशवाणी अधिक लाभ कमाने के लिए एसएमएस के जरिए समाचार प्रदान करने की सेवा का विस्तार करने के लिए अन्य सरकारी विभागों से भी संपर्क सूत्र साधने पर विचार कर रही है.

आकाशवाणी प्रत्येक दिन 90 भाषाओं एवं बोलियों में 650 बुलेटीन का प्रसारण करता है.

आकाशवाणी का ट्विटर पर इसी वर्ष के शुरुआत में खाता खोला गया, जिसमें अधिकांशत: समाचार संदेश ही प्रदान किए जाते हैं.

ट्विटर पर जहां आकाशवाणी के 50,000 प्रशंसक हैं, वहीं फेसबुक पर आकाशवाणी के 77,000 चाहने वाले हैं.

दत्ता ने कहा, “फेसबुक और ट्विटर पर हम बहुत देर से आए, लेकिन हमारी लोकप्रियता यहां तेजी से बढ़ रही है.”

दत्ता ने कहा, “अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर हम सभी क्षेत्रीय समाचारों का प्रसारण करते हैं, और एफएम गोल्ड का सीधा प्रसारण भी करते हैं. हमारी आधिकारिक वेबसाइट पर सप्ताहांत पर एक दिन में औसतन नौ लाख लोग भ्रमण करते हैं, जबकि छुट्टी के दिन यह संख्या 14 लाख तक पहुंच जाती है.”

उन्होंने बताया कि निजी एफएम चैनलों को भी समाचार प्रसारित किए जाने की इजाजत दिए जाने की प्रक्रिया सिंद्धांतत: जारी है, जिसके अंतर्गत आकाशवाणी समाचार उपलब्ध करवाएगा. लेकिन इस दिशा में किसी बड़े कदम की बात से दत्ता ने इनकार किया.

दत्ता ने बताया कि समाचार सेवा के लिए आकाशवाणी की देशभर में 42 क्षेत्रीय समाचार इकाइया हैं. सीमावर्ती इलाकों में आकाशवाणी की पहुंच बढ़ाने के लिए उच्च क्षमता वाले ट्रांसमीटर लगाए जाने का प्रयास किया जा रहा है.

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