छत्तीसगढ़ में पर्यटन मंडल के कई रिसॉर्ट घाटे में

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के मोटल व रिसॉर्ट अपने निर्माण काल से ही बुरे दौर से गुजर रहे हैं. पिछली सरकार के कार्यकाल में कई करोड़ की लागत से बनाये गये अपने 33 मोटल व रिसार्ट से पर्यटन मंडल को पिछले दस महीनों में महज 1.70 करोड़ रुपये ही मिले हैं.

हालत ये है कि पर्यटन मंडल अपने 5 मोटल व रिसार्ट का संचालन खुद नहीं कर पा रहा है. इनमें से दो मोटल व रिसॉर्ट सुरक्षा बलों को दे दिए गये हैं.


जबकि 16 मोटल व रिसॉर्ट निजी निवेशकों को दीर्घकालीन लीज पर दिए जा रहे हैं.

एक अन्य रिसॉर्ट, गंगरेल का बरदिहा लेक व्यू टूरिस्ट रिसॉर्ट का प्रबंधन भी अनुबंध के आधार पर दे दिया गया है.

पर्यटन मंडल से मिली जानकारी के अनुसार कांकेर ज़िले के केशकाल का जोहार टूरिस्ट रिसॉर्ट केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल को दे दिया गया है.

इसी तरह कांकेर ज़िले के ही सिंगारभाट का मितान मोटल बीएसएफ को किराए पर देने की प्रक्रिया चल रही है.

महासमुंद ज़िले के कांपा स्थित मितान मोटल को कृषि विश्वविद्यालय को हस्तांतरित कर दिया गया है.

बस्तर के नगरनार में बनाए गये मितान मोटल को एनएमडीसी को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया जारी है.

बस्तर के आसना में बनाये गये मितान होटल में ज़िला प्रशासन, बस्तर अकादमी ऑफ डांस आर्ट एंड लिटरेचर संचालित कर रहा है.

पर्यटन मंडल का दावा है कि पिछले दस महीनों में उसे महज़ 1,70,17,052 रुपये का लाभ हुआ है.

हालांकि कई मोटल व रिसॉर्ट को लेकर पर्यटन मंडल का कहना है कि वे घाटे में चल रहे हैं.

सिरपुर स्थित जोहार होटल 2.79 लाख, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ज़िले के आमाडोब का सोनभद्र टूरिस्ट रिसॉर्ट 26,438 हज़ार, इसी ज़िले के कबीर चबूतरा में बना ईको हिल रिसॉर्ट 2.40 लाख, जशपुर के बालाछापर का सरना एथनिक रिसॉर्ट 2.41 लाख, कोंडागांव का धनकुल एथनिक रिसॉर्ट 9.24 लाख, कांकेर के नथियानवागांव का मितान होटल-हिल मैना हाईवे ट्रीट 7.16 लाख के घाटे में है.

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