बिलासपुर: कृमि की दवा से बच्चे बीमार

बिलासपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के दिन दवा खाकर दर्जनभर बच्चे बीमार पड़ गये. बिलासपुर से लगे मस्तूरी में शुक्रवार को कृमिनाशक दवा एलबेंडाज़ोल खाकर दर्जनभर बच्चें बीमार पड़ गये. कृमिनाशक दवा खाने के बाद बच्चों ने पेट दर्द की शिकायत की थी. उन्हें मस्तूरी के स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया. उनकी हालत अब सामान्य है. बच्चों को खाली पेट गोली नहीं खिलाये जाने की हिदायत स्कूली शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को दी गयी थी. इसके साथ ही अपातकालीन स्थिति में समीपस्थ उप स्वास्थ्य केन्द्रों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों को सूचित करने सहित उपचार सहायता हेतु टोल-फ्री नंबर 108 या 104 का उपयोग करने का निर्देश दिया गया था.

वहीं, खमतराई शासकीय स्कूल में कक्षा 7वीं की छात्रा जानकी ध्रुव को दवा देने के बाद उसकी तबियत बिगड़ गई. जिसके बाद उसे आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया. गौरतलब है कि पिछले साल 10 फरवरी को कृमिनाशक दवा खाकर जांजगीर के जैजैपुर में करीब 30 बच्चें बीमार पड़ गये थे.


पिछले बार की घटना को देखते हुये इस बार बच्चों को कृमिनाशक दवा के साथ नाश्ते का भी प्रबंध किया गया था. राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केन्द्रो में 6 से 19 वर्ष के बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाई गई.

ज्ञात्वय रहे कि कृमि से बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है तथा उनमें कुपोषण बढ़ने का यह भी एक कारण है. अकसर होता यह है कि कृमि एक बच्चे से दूसरे बच्चों में फैल जाता है.

इसको रोकने के लिये चिकित्सा शास्त्र में कहा गया है कि किसी भी परिवार के सभी सदस्यों या इलाकों के सभी बच्चों को एक ही दिन कृमिनाशक दवा का सेवन कराया जाये. जिससे कृमि तथा उसके अंडे नष्ट हो जाते हैं.

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