13,860 Cr का कालाधन मेरा नहीं

अहमदाबाद | समाचार डेस्क: महेश शाह ने कहा 13,800 करोड़ रुपये मेरे नहीं हैं. शनिवार शाम देश में सबसे अधिक काला धन घोषित करने वाले महेश शाह एक स्थानीय न्यूज चैनल में पहुंचे तथा दावा कि किया कि उन्होंने जो काला धन घोषित किया था वह उनका नहीं बल्कि नेताओं का है. उन्होंने कहा,”वो पैसा मेरा नहीं है. वह पैसा कई लोगों का है जिसमें नेता, बाबू और बिल्डर्स शामिल हैं.” उन्होंने कहा कि यह घोषणा किसी मजबूरी में की थी. बकौल शाह, इसके लिए उन्हें कमीशन देने की बात भी हुई थी. आयकर विभाग ने उन्हें हिरासत में ले लिया है.

उनका कहना है कि जिन लोगों ने उन्हें ऐसा करने के लिये कहा, वह पीछे हट गए और, ‘मैं पहली किश्त नहीं दे पाया.’ शाह के अनुसार, उन्हें अपनी गलती का अहसास हो गया है, लिहाजा वह जल्द ही सबकुछ बतायेंगे.


गौरतलब है कि घोषित संपत्ति की पहली किश्त जमा करवाने में विफल रहने पर आयकर अधिकारियों ने 67 वर्षीय शाह के घर और दफ्तर में दबिश दी थी.

उल्लेखनीय है कि महेश शाह आय घोषणा योजना के अंतिम दिन 30 सितंबर की रात को आयकर विभाग के दफ्तर गये थे, जहां उन्होंने स्टेच्युरी फॉर्म- 2 जमा कर अपने पास 13,860 करोड़ रुपये नकदी होने की जानकारी दी थी. बाद में उनका यह फॉर्म स्वीकार हो गया, जिसका अर्थ यह है कि विभाग ने उनकी घोषणा को स्वीकार कर लिया है.

शाह को घोषित आय का 45 प्रतिशत हिस्सा कर के रूप में जमा करवाना था, जो मोटे तौर पर 6237 करोड़ रुपये बनते हैं. 1560 करोड़ रुपये की पहली किश्त 30 नवंबर को देय थी, लेकिन जब वह नहीं दे पाये तो उनका फॉर्म रद करते हुए आयकर विभाग ने उनकी तलाश शुरू कर दी थी.

मोदी सरकार द्वारा काला धन घोषित करने के लिये शुरु किये गये इनकम डिकलेरेशन स्कीम के तहत 30 सितंबर 2016 तक का समय दिया गया था. उस दौरान कुल 65,250 करोड़ रुपये काला धन घोषित किया गया था जिसमें से गुजरात के महेश शाह ने ही अकेले 13,860 करोड़ रुपयों का काला धन घोषित किया था जो कुल घोषित काले धन का 21 फीसदी है.

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