व्यापमं घोटाला: सीबीआई से इंकार

Sunday, July 5, 2015

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शिवराज सिंह -मुख्यमंत्री

भोपाल | एजेंसी: एक के बाद एक हो रही मौतों के बाद भी शिवराज सिंह चौहान ने व्यापमं घोटाले की जांच सीबीआई से करवाने से इंकार किया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह साफ कर दिया है कि वह व्यावसायिक परीक्षा मंडल, व्यापमं घोटाले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से कराने की सिफारिश नहीं करेंगे. उन्होंने कहा है कि व्यापमं मामले की जांच उच्च न्यायालय के पर्यवेक्षण तथा विशेष जांच दल की निगरानी में विशेष कार्य बल कर रहा है और अगर उच्च न्यायालय चाहे तो वह किसी भी एजेंसी से इसकी जांच करा सकता है. व्यापमं मामले में सरकार पर लग रहे आरोपों और आरोपियों की हो रही संदिग्ध मौतों के बाद पहली बार मुख्यमंत्री को सामने आकर सफाई देना पड़ी है.

शिवराज ने रविवार को अपने आवास पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि व्यापमं में चल रही गड़बड़ियां सामने आने पर उन्होंने व्यवस्था से दुरुस्त करने के लिए एसटीएफ को जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी. इस मामले में जिस पैमाने पर कार्रवाई हुई है, वैसी देश में और किसी मामले में नहीं हुई.

उन्होंने कहा कि यह मामला बाद में उच्च न्यायालय पहुंचा और एसआईटी का गठन किया गया. फिलहाल विशेष जांच दल की निगरानी में एसटीएफ इसकी जांच कर रही है. सरकार का इस जांच से कुछ लेना देना नहीं हैं. कांग्रेस के कुछ मित्र सीबीआई जांच की मांग को लेकर उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय गए, जहां से उन्हें जवाब मिला कि जांच ठीक चल रही है.

शिवराज से जब संवाददाता ने सवाल किया कि वह इस मामले की जिम्मेदारी सीबीआई को क्यों नहीं सौपतें? उनका जवाब था, “उनकी सरकार उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय से ऊपर नहीं है. उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय ने अगर सीबीआई जांच से इंकार किया है तो हम कैसे कहें कि यह फैसला ठीक नहीं, और जांच हम करवाएंगे. उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय जिस एजेंसी से चाहे उससे जांच करा सकता हैं, हमें कोई आपत्ति नहीं है.”

मुख्यमंत्री ने शनिवार को झाबुआ के मेघनगर में व्यापमं घोटाले पर कवरेज करने दिल्ली से आए आजतक न्यूज चैनल के पत्रकार अक्षय सिंह की मौत मामले की जांच विशेष जांच दल से कराने की भी घोषणा की.

अक्षय की तबीयत उस समय बिगड़ी गई थी, जब वह व्यापमं घोटाले की संदिग्ध आरोपी नम्रता के परिजनों का साक्षात्कार ले रहे थे. उल्लेखनीय है कि नम्रता का शव संदिग्ध हालत में मिला था. अक्षय को मेघनगर के सरकारी व निजी अस्पताल ले जाया गया, वहां से उन्हें गुजरात के दाहोद स्थित अस्पताल स्थांतरित कर दिया गया. अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

मुख्यमंत्री ने कहा है कि वह और उनकी सरकार दुख की इस घड़ी में अक्षय के परिजनों के साथ है. अक्षय का गुजरात के दाहोद जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ. उसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई. मौत की वजह का पता अंतिम रिपोर्ट आने पर ही चलेगा.

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