मुसलमानों को अमरीका आने से रोकें: ट्रंप

Tuesday, December 8, 2015

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डोनाल्ड ट्रंप-अमरीका

वाशिंगटन | समाचार डेस्क: डोनाल्ड ट्रंप ने अमरीका में मुसलमानों के आने पर रोक लगा4ने की बात कहकर सनसनी फैला दी है. इस पर भारत में हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज मौलवी उमर फारूक ने कहा कि, “वह पूरी दुनिया के मुस्लिम समुदाय को एक जैसा बताने की कोशिश कर रहे हैं. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.” मीरवाइज ने कहा, “इससे पूरी दुनिया में मुस्लिमों की भावनाएं आहत हुई हैं. वह सभी मुस्लिमों पर चरमपंथी और आतंकवादी का तमगा लगा रहे हैं और उन्हें खतरा बता रहे हैं. हम इसकी कड़ी आलोचना करते हैं.” उल्लेखनीय है कि रिपब्लिकन पार्टी में राष्ट्रपति पद के दावेदारों में सबसे आगे चल रहे अरबपति रियल एस्टेट कारोबारी डोनाल्ड ट्रंप ने राजनीति की दुनिया को यह कह कर तगड़ा झटका दिया है कि मुसलमानों को तब तक के लिए अमरीका आने से रोका जाए जब तक कानून बनाने वाले यह पता न लगा लें कि आखिर चल क्या रहा है.

ट्रंप के चुनाव अभियान की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, “डोनाल्ड जे.ट्रंप ने मुसलमानों के अमरीका आने पर पूरी तरह से रोक लगाने को कहा है. यह तब तक के लिए हो जब तक कि देश के प्रतिनिधि यह पता न लगा लें कि क्या चल रहा है. ”

अपने विवादास्पद बयानों के लिए मशहूर ट्रंप ने इससे पहले भी सभी मस्जिदों की निगरानी करने और अमरीका में सभी मुसलमानों का डाटाबेस बनाने की बात कही थी. उन्होंने यह बयान कैलिफोर्निया में पाकिस्तानी मूल के दंपति द्वारा गोलीबारी की घटना के बाद दिया है.

इस बयान के लिए ट्रंप की उनके विरोधी ही नहीं बल्कि उनकी अपनी पार्टी के लोग भी आलोचना कर रहे हैं. राष्ट्रपति पद के एक अन्य रिपब्लिकन दावेदार जेब बुश ने कहा कि ‘डोनाल्ड ट्रंप पागल हैं’ और उनके ‘नीति प्रस्ताव गंभीर नहीं हैं.’

लेकिन, ट्रंप को सोशल मीडिया पर समर्थन मिल रहा है. सोमवार को रैली में भी उनके इस बयान पर तालियां बजीं.

ट्रंप ने बयान में कहा है, “यह किसी के लिए भी साफ है कि नफरत समझ से परे है. यह नफरत कहां से आ रही है और क्यों आ रही है, इसका हमें पता लगाना होगा. जब तक हम इसे खोज नहीं लेते और समस्या को समझ नहीं लेते तब तक हमारा देश ऐसे लोगों के भयानक हमलों का शिकार नहीं बन सकता जो केवल जेहाद में यकीन रखते हैं और जो मानव जीवन के प्रति कोई सम्मान नहीं रखते हैं. ”

राष्ट्रपति बराक ओबामा के उप सुरक्षा सलाहकार बेन रोड्स ने कहा है कि ट्रंप का बयान ‘हमारे बतौर अमरीकी जो मूल्य हैं, उनके बिलकुल खिलाफ है.’ उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता कानून की तरफ इशारा किया.

डेमोक्रेटिक पार्टी में राष्ट्रपति पद के दावेदार बर्नी सैंडर्स और मार्टिन ओ मैले ने ट्रंप को लोगों में पूर्वाग्रह भर कर उन्हें भड़काने वाला बताया.

डेमोक्रेटिक पार्टी में राष्ट्रपति पद की दावेदार हिलेरी क्लिंटन ने ट्वीट किया, “यह निंदनीय, पूर्वाग्रह से ग्रस्त और विभाजनकारी है. ट्रंप, आप इसे हासिल नहीं कर सकेंगे. इस बात ने हमें और असुरक्षित कर दिया है.”

यूएसए टुडे ने अपने संपादकीय में ट्रंप को डर के व्यापारियों का मुखिया बताया है. अखबार ने लिखा है, “साफ लगता है कि उन्हें खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में बदलने में कोई हिचक नहीं है.” अखबार ने लिखा है कि रिपब्लिकन को प्रार्थना करनी चाहिए कि ट्रंप राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी न बन सकें.

वाशिंगटन पोस्ट ने भी ट्रंप के बयान की बखिया उधेड़ी है.

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