प्रसूता को अस्पताल से भगाया

Wednesday, January 22, 2014

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रतनपुर अस्पताल

रतनपुर | उस्मान कुरैशी: नगर पंचायत रतनपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग की सभापति व भाजपा पार्षद की पुत्री का प्रसव कराने से सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र के मौजूदा कर्मी ने मना कर भगा दिया. मजबूर महिला पार्षद पुत्री को घर ले गई जहां प्रसूता ने एक स्वस्थ पुत्री को जन्म दिया. पार्षद ने घटना की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री सहित आला अधिकारियों से करने की बात कही है.

रतनपुर का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अब सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बन गया है पर यहां के हालात जस के तस बने हुए है. मौजूदा डाक्टरों व कर्मचारियों की संवेदनहीनता से मरीजो का जीवन संकट में पड़ जाता है. यहां के बदतर हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सत्तरूढ़ भारतीय जनता पार्टी की पार्षद व महिला एवं बाल विकास विभाग की सभापति श्रीमति प्रेमलता तंबोली तक को अस्पताल में ऐसी संवेदन हीनता का शिकार होना पड़ा.

रतनपुर नगर पंचायत के वार्ड 12 की भाजपा पार्षद प्रेमलता तंबोली की पुत्री सरला का विवाह समीप के गांव रानी गांव के युवक राम अवतार से हुआ है. मंगलवार की शाम प्रसव पीड़ा शुरू होने पर पार्षद मां पुत्री का प्रसव कराने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंची.

पार्षद श्रीमती तंबोली के मुताबिक अस्पताल में तैनात नर्स परिसर में ही बने एक कमरे में थी. सूचना मिलने के बाद काफी देर से पहुंची. प्रसव पीड़ा से कराहती मरीज को देखे बिना ही बड़ी अभद्रता से बात करने लगी. एतराज जताए जाने पर नेतागिरी करते हो करके उपचार व प्रसव कराने से भी इंकार कर दिया. अस्पताल में कोई जिम्मेदार डाक्टर भी मौजूद नही था.

परेशान पार्षद मां ने घटना की जानकारी जीवन दीप समिति के सदस्य व नपं अध्यक्ष घनष्याम रात्रे को भी दी . पर उन्होने बाहर होने की बात कहके पल्ला झाड़ लिया. इसके बाद प्रसूता को पार्षद मां अपने घर लेकर आई. पुत्री को बिलासपुर ले जाने की तैयारी में जुट गई. इसी दौरान प्रसूता ने घर में ही एक स्वस्थ्य पुत्री को जन्म दिया.

पार्षद श्रीमती तंबोली का कहना है कि अस्पताल में एक और महिला प्रसव के लिए सुबह से भर्ती थी जिसे देखने के लिए कोई भी डाक्टर नही पहुंचा था. महिला दर्द से कराहती परिजनों के साथ पड़ी थी. मौजूदा प्रसूता की स्थिति से भयभीत पार्षद पुत्री के बिलासपुर ले जाने घर चली गई .

अस्पताल में प्रसूता महिलाओं के साथ ऐसे सलूक का यह पहला मामला नही है. कुछ दिनों पहले ऐसी ही एक घटना पर बीएमओ कोटा डा. मनोज सेम्युअल का ध्यान आकृष्ट कराया गया जिस पर उनके द्वारा जाुच कर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई थी. सामूदायिक केन्द्र के प्रभारी चिकित्सक भी हमेशा मुख्यालय से नदारत रहते है. कभी मुख्यालय में रहते भी है तो ज्यादा समय बड़ी बाजार स्थित एक निजी प्राथमिक उपचार केन्द्र में दिखाई देते है.

प्रभारी चिकित्सक के खिलाफ जीवनद्वीप समिति की राशि व जननी सुरक्षा की राशि में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं बरते जाने की शिकायतें भी हो चुकी है. प्रभारी चिकित्सक को रतनपुर के भाजपा मंडल अध्यक्ष का संरक्षण होने के चलते कार्रवाई नही हो पाने की बात कही जाती है. बीएमओ कोटा डा. मनोज सेम्युअल से भी इस घटना पर बात करने उनके मोबाईल पर संपर्क किया गया. पर उन्होने काल रिसीव नही किया.

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