भारत-चीन संबंध आगे बढ़ेंगे: सुषमा

Monday, February 2, 2015

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सुषमा स्वराज-विदेश मंत्री

बीजिंग | एजेंसी: सुषमा स्वराज ने कहा कि चीनी फर्मो का भारत में कारोबार करना होगा आसान होगा. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को यहां कहा कि भारत अपने यहां चीन की कंपनियों के लिए कारोबार करना आसान बनाएगा क्योंकि वह चीन के साथ आर्थिक संबंध को ‘गुणवत्तापूर्ण रूप से नए स्तर पर’ ले जाना चाहता है. आपसी संबंधों में मजबूती लाने के लिए उन्होंने ‘कार्रवाई-उन्मुख रुख’ सहित छह सूत्री ढांचा भी सुझाया.

दूसरे भारत-चीन मीडिया मंच की शुरुआत को संबोधित करते हुए सुषमा ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार भारत-चीन सीमा विवाद के जल्द निपटारे के लिए प्रतिबद्ध है.

इस बात का उल्लेख करते हुए कि चीन व्यापार और वस्तु के क्षेत्र में हमारा सबसे बड़ा साझीदार है. दोनों अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे के यहां निवेश की दिशा में बढ़ रही हैं, उन्होंने कहा, “संपर्क बढ़ाने को लेकर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है. इस बुनियाद पर हम अब अपने आर्थिक सहयोग को गुणवत्तापूर्ण एक नए स्तर पर ले जाना चाहते हैं.”

उन्होंने कहा, “अन्य महत्वपूर्ण जोर भारत के दो राज्यों में औद्योगिक पार्क के निर्माण पर है, जो कि ‘मेक इन इंडिया’ अभियान में योगदान देगा.”

सुषमा ने कहा, “हम भारत में चीनी कंपनियों के लिए व्यवसाय करना सरल बनाएंगे और उम्मीद करते हैं कि चीन में हमारी कंपनियों के विस्तार के लिए भी ऐसा ही किया जाएगा.”

सुषमा ने कहा कि जिस तरह दोनों देश बड़ी अंतर्राष्ट्रीय भूमिका निभा रहे हैं, उसी तरह “हमारे संपर्क और वार्ता को भी आगे बढ़ना होगा. एशिया की दो बड़ी सभ्यता होने के लिहाज से साझा हितों के निर्माण के लिए हमारे बीच एक-दूसरे के प्रति भरोसा होना चाहिए.”

विदेश मंत्री ने कहा कि मीडिया फोरम एक ऐसे प्लेटफार्म के रूप में उल्लेखित है जिसे सराहना प्रोत्साहित करने और एक दूसरे समुदायों की अपनी संबंधित मीडिया में समझदारी निर्मित करने वाला माना जाता है.

उन्होंने कहा, “चूंकि हमारे रणनीतिक और सहयोगपूर्ण संबंध द्विपक्षीय क्षेत्र में गहरा गया है और क्षेत्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में विस्तृत हुआ है इसलिए यह हमारे लोगों के बीच एक दूसरे के हितों और नजरिए की अच्छी समझदारी होने के लिए महत्वपूर्ण है.”

उन्होंने साझीदारी बढ़ाने के लिए छह सूत्री ढांचा को भी रेखांकित किया. इसमें कार्रवाई-उन्मुख रुख, विस्तृत आधार द्विपक्षीय संबंध, साझा क्षेत्रीय और वैश्विक हितों पर समानता, सहयोग में नए क्षेत्रों को विकसित करना, रणनीतिक संचार का विस्तार और आगे बढ़ने के साझा महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति शामिल है.

विदेश मंत्री ने कहा कि रेलवे द्विपक्षीय सहयोग के लिहाज से नया व महत्वपूर्ण क्षेत्र है. इसके अंतर्गत क्षमता निर्माण के अतिरिक्त माल ढुलाई, गति बढ़ाने और स्टेशनों के निर्माण पर भी ध्यान देने की जरूरत है.

मंत्री ने मानसरोवर यात्रा के लिए नाथुला के रास्ते एक अतिरिक्त मार्ग खोलने के चीन के फैसले का स्वागत किया.

उन्होंने कहा, “हमारा संबंध एक ऐसे स्तर पर पहुंच गया है, जहां हम उन क्षेत्रों में जुड़े हैं जिसकी पिछले कुछ सालों में कल्पना नहीं की गई थी.”

सुषमा ने कहा, “हमने रक्षा संपर्क और आदान-प्रदान बनाने और इसे विस्तार देने की दिशा में जबर्दस्त प्रगति की है.”

उन्होंने कहा, “ये वहां शांति बनाए रखने और हमारे आगे की साझेदारी की आवश्यकता में योगदान देते हैं.”

मंत्री ने कहा कि भारत में नई सरकार बनी है, जिसे निर्णायक जनादेश मिला है.

उन्होंने कहा, “यह प्रत्यक्ष रूप से दिख रहा है कि पिछले आठ महीनों में मेरे देश में जबरदस्त बदलाव हुए हैं, जो कि आधुनिकता की तरफ हमारी यात्रा को बढ़ाएगा.”

सुषमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ तीन बार सफल बैठक की है. उन्होंने कहा कि मोदी ने प्रधानमंत्री ली केकियांग से भी मुलाकात की है.

उन्होंने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि पिछले कुछ महीनों में बना लय न सिर्फ बरकरार रहेगा, बल्कि विभिन्न स्तर पर यह अन्य कार्यक्रमों को गति देगा.”

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