भारत-अमरीका महत्वपूर्ण साझेदार: कार्टर

Thursday, September 19, 2013

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अमरीका प्रतिबंध

वाशिंगटन | एजेंसी: अमरीका ने भारत को अपना स्वभाविक साझेदार बताया है. यह दुनिया में भारत के बढ़ते प्रभाव का नतीजा है. भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अमेरिका यात्रा के पूर्व एक शीर्ष अमरीकी कहा है कि अपने साझा मूल्यों और दृष्टिकोण के कारण भारत और अमरीका विश्व मंच पर स्वाभाविक साझेदार हैं.

पेंटागन के प्रेस सचिव जार्ज लिटल के अनुसार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की 27 सितंबर के प्रस्तावित मुलाकात के पहले अमेरिकी उप रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने अपनी हाल में समाप्त हुई भारत यात्रा के दौरान भारतीय अधिकारियों से यह बात कही.

कार्टर ने भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन, विदेश सचिव सुजाता सिंह और रक्षा सचिव राधाकृष्ण माथुर के साथ मुलाकात की तथा भारत और अमरीका के बीच बहुआयामी रक्षा संबंधों को और अधिक गहरा बनाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की.

लिटल ने कहा, “द्विपक्षीय रक्षा व्यापार संबंधों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उठाए जाने वाले प्रशासनिक कदमों पर उन्होंने चर्चा की.”

कार्टर ने भारत और अमरीका के शीर्ष रक्षा उद्योगों के साथ एक बैठक की मेजबानी भी की. उन्होंने रक्षा सहयोग को और आगे बढ़ाने तथा प्रौद्योगिकीय साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया. उनका कहना था कि भारत केवल रक्षा उपकरणों की खरीद तक ही सीमित नहीं रहेगा.

भारत अमरीका के साथ मिलकर नई चीजें बनाना और शोध कार्य को आगे बढ़ाना चाहता है. उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनी टाटा और लाकहीड मार्टिन की साझेदारी में सी-130जे सुपर हरक्युलिस विमान का निर्माण सहयोग का एक उत्कृष्ट मॉडल है. भविष्य का रक्षा सहयोग सह विकास और सहउत्पादन के साथ होगा.

भारत के दौरे के पहले अफगानिस्तान और पाकिस्तान का भी दौरा करने वाले कार्टर ने कहा कि पाकिस्तान को सर्वाधिक खतरा अपने पड़ोसियों से नहीं वरन आतंकवाद से है.

कार्टर ने कहा, “हम चाहते हैं कि भारत के पास अपनी सुरक्षा जरूरतों से निपटने के लिए सभी क्षमताएं हों और इस प्रयास में हम एक महत्वपूर्ण साझेदार होना चाहते हैं.”

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