फ्रांस में टेरर अटैक, 84 की मौत

Friday, July 15, 2016

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फ्रांस में हमला

पेरिस | समाचार डेस्क: फ्रांस में ताजा टेरर अटैक के बाद आपातकाल की अवधि तीन माह के लिये बढ़ा दी गई है. फ्रांस के नीस में ताजा टेरर अटैक के बाद राष्ट्रपति ने इसकी घोषणा की. फ्रांस के नीस में गुरुवार रात को बासटील डे के जश्न के मौके पर आतिशबाजी देखने उमड़ी भीड़ के बीच एक बड़ा ट्रक घुस गया, जिससे 84 लोगों की मौत हो गई, जबकि 150 से अधिक घायल हो गए, जिनमें 18 की हालत नाजुक है. फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने इसे आतंकवादी घटना करार दिया है. ओलांद ने शुक्रवार सुबह संवाददाता सम्मेलन में कहा, “देश में आपातकाल की अवधि अतिरिक्त तीन महीने के लिए बढ़ाई जा रही है. यह अवधि 26 जुलाई को समाप्त हो रही थी.”

‘We are extending state of emergency’: President Hollande

फ्रांस के रीजनल प्रेजीडेंट और नीस के मेयर क्रिस्टीआन एस्ट्रोसी ने सीएनएन से संबद्ध ‘बीएफएम-टीवी’ को बताया कि बासटील डे समारोह के दौरान आतिशबाजी देखने जुटे लोगों की भीड़ के बीच एक ट्रक चालक विस्फोटकों से भरा ट्रक लेकर घुस गया और दो किलोमीटर तक लोगों को कुचलता चला गया.

Moment Terror Attack Hit Nice, France

फ्रांस के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता पियरे ब्रांदे ने बताया कि पुलिस ने ट्रक चालक को मार गिराया है.

एस्ट्रोसी के अनुसार, पुलिस को ट्रक से बंदूकें, विस्फोटक और ग्रेनेड मिले हैं.

पुलिस सूत्रों से प्राप्त रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रक चालक ट्यूनीशिया मूल का 31 वर्षीय शख्स बताया जा रहा है. ट्रक से फ्रांसीसी-ट्यूनीशियाई पहचान-पत्र बरामद हुए हैं.

रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रक चालक ने भीड़ में ट्रक घुसाने से पहले पुलिस पर गोलियां भी चलाई. घटनास्थल पर मौजूद लोगों द्वारा बनाई गई वीडियो में गोलियों की आवाजें भी सुनी जा सकती हैं.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उन्हें इस घटना को अपनी आंखों से देखने के बाद भी इस पर विश्वास नहीं हो रहा था.

हमले को अपने अपार्टमेंट से देखने वाले टोनी मोलिना ने सीएनएन को बताया, “हमने देखा कि तेज रफ्तार ट्रक लोगों को कुचलते हुए आगे बढ़ रहा है. ट्रक लोगों को टक्कर मारते हुए आगे बढ़ रहा था और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे.”

उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद गोलियां चलने की भी आवाजें सुनाई दी.

मोलिना ने कहा, “वहां अपनों के शवों के पास लोग मौजूद थे. बाद में उन्हें वहां से ले जाया गया. हर जगह शव पड़े थे.”

इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी अमेरिकी नागरिक पॉल डेलेन ने कहा कि उन्होंने आतिशबाजी कार्यक्रम पूरा देख लिया था और अब वे उस स्थान पर जा रहे थे जहां डीजे संगीत बजा रहा था.

उन्होंने कहा, “अचानक, हजारों की संख्या में लोग एक दिशा की ओर भागने लगे. मेरे साथी ने तुरंत मेरा हाथ पकड़ा और हमने भागना शुरू किया.”

उन्होंने कहा, “हमने नहीं पता था कि हम कहां जा रहे हैं. संगीत बहुत तेज बज रहा था. हम कुछ नहीं सुन पा रहे थे. मैंने कोई ट्रक नहीं देखा. मैंने सिर्फ लोगों को भागते, चीखते, रोते सुना और अपने बच्चों को थामे भागते देखा.”

उनके मुताबिक, “मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मुझे छिपना चाहिए या लगातार भागना चाहिए. मुझे नहीं पता था कि इस स्थिति में क्या करूं. किसी को नहीं पता था कि क्या हो रहा है. हमें सिर्फ इतना पता था कि हमें अपनी जिंदगी बचाने के लिए भागते रहना है.”

इस घटना में 150 से अधिक लोग घायल हुए हैं.

राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, इस घटना के बाद ओलांद और प्रधानमंत्री मैनुएल वाल्स ने अंतर मंत्रिपरिषदीय बैठक की.

ओलांद ने कहा, “फ्रांस में उसके राष्ट्रीय दिवस के मौके पर हमला किया गया है. हमें आतंकवाद से निपटने के लिए कदम उठाने होंगे. फ्रांस पर इस्लामिक आतंकवाद का खतरा है.”

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता पियरे ब्रांदे ने बताया कि गृह मंत्री बैरनार कैजनोव हमले के बाद नीस पहुंच चुके हैं. उन्होंने बताया कि इस घटना में किसी को बंधक नहीं बनाया गया है.

इस दौरान अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जारी बयान में कहा, “हम इस दुख की घड़ी में अपने पुराने साथी फ्रांस के साथ खड़े हैं.”

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