गधा साक्षरता का ब्रांड एम्बेस्डर!

Saturday, February 7, 2015

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गधा

फतेहपुर | एजेंसी: यदि गधा कहलाना पसंद नहीं है तो गधे के दिये संदेश के अनुसार साक्षर बनिये. जी हां, यूपी का एक गधा साक्षरता का संदेश दे रहा है. उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में जिला कृषि एवं सांस्कृतिक महोत्सव के दौरान ब्रांड एम्बेस्डर के रूप में गधे ने आम जनमानस को साक्षरता का संदेश दिया.

इस मौके पर शहनाई वादकों ने अपने स्वर लहरियों से खुशनुमा एहसास कराया. वहीं ढोल की थाप में लिल्ली घोड़ी का नृत्य एवं रंगमंच के कलाकारों द्वारा लोक नृत्य कर चार चांद लगाए. पुलिस बैंड की धुन ने देशभक्ति एवं अनुशासन का संदेश प्रदान किया.

जिला पंचायत राज विभाग द्वारा स्थापित आदर्श ग्राम में स्वच्छता का संदेश प्रदान किया. निरक्षरता और अज्ञानता को मिटाने के लिए भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे शिक्षा का अधिकार अधिनियम वर्ष 2009 के निहित प्राविधान के अनुसार, महोत्सव में साक्षर भारत मिशन एवं सर्व शिक्षा अभियान को सफल बनाने के लिए स्थापित किए गए स्टॉल में ब्रांड एम्बेस्डर के रूप में गधे ने आम जनमानस को साक्षरता का संदेश दिया.

गधे के ऊपर बैनर टांगकर आम जनमानस से यह अपील की गई, “यदि नहीं पढ़ेंगे तो हमारी तरह कहे जाएंगे.” महोत्सव स्थल पर आए हजारों की तादाद में दर्शकों ने यह संदेश ग्रहण किया. महोत्सव का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री अवधेश प्रसाद ने किया.

महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर शिक्षा विभाग की ओर से स्थापित स्टॉल में साक्षर भारत मिशन योजना एवं सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रचार सामग्रियों का वितरण किया गया. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओ.पी. त्रिपाठी सहित अन्य विभागीय अधिकारियों ने साक्षरता मिशन को सफल बनाने के लिए आम जनमानस से अपील किया एवं प्रचार सामग्रियां बांटी.

महोत्सव स्थल में सजाए गए पंडाल में बैनर और होर्डिग में साक्षरता का संदेश देते हुए गधे का जुलूस पूरे कार्यक्रम स्थल में घुमाया गया. इनके पीछे शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी हाथों में स्लोगन लिखीं तख्तियां लेकर सभी लोगो से साक्षर बनने और पढ़ने-लिखने की अपील करते रहे. वहीं आल्हा गायकों ने ढोलक और मंजीरे की थाप में आल्हा गायन कर निरक्षरता और अज्ञानता को मिटाने की अपील की.

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