छोटे राज्यों की मांग से देश को नुकसान : माकपा

Thursday, August 1, 2013

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prakash karat general secretary of cpim

नई दिल्ली | एजेंसी: तेलंगाना राज्य पर हुए निर्णय के पश्चात् उपजे नये राज्यों के गठन की मांग पर मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने चेतावनी दी है कि नए राज्यों के गठन की मांग से देश के विभिन्न हिस्सों में तनाव बढ़ सकता है. पार्टी के मुखपत्र पीपुल्स डेमोक्रेसी में एक संपादकीय में कहा गया है कि आंध्र प्रदेश के विभाजन और तेलंगाना के निर्माण के कारण पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग और असम में बोडोलैंड को अलग करने की मांग ने जोर पकड़ा है.

ज्ञात्वय रहे कि तेलंगाना पर कांग्रेस के कोर कमेटी में हुए निर्णय के बाद आंध्रप्रदेश में इसके खिलाफ लामबंदी शुरु हो गई है. दूसरी तरफ दार्जिलिंग में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के विमल गुरुंग ने भी गोरखालैंड की मांग उठाई है.

माकपा ने कहा कि विभिन्न पहचानों के आधार पर नए राज्यों के गठन की मांग का गंभीर परिणाम न केवल देश के संघीय ढांचे पर होगा वरन इसमें देश में तनाव पैदा करने की भी क्षमता है.

माकपा ने कहा कि वह भाषायी आधार पर लोकतांत्रिक सिद्धांतों के साथ भारतीय राज्य की एकता के पक्ष में है.

माकपा के अनुसार कांग्रेस की केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों ने स्थिति को गलत तरीके से संभाला और इसके परिणामस्वरूप देश के विभिन्न हिस्सों में नए राज्यों की मांग उठने लगी.