छत्तीसगढ़ की निगाहें रुस्तम पर

Friday, July 25, 2014

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रुस्तम सारंग -भारोत्तोलक

रायपुर | एजेंसी: गुरुवार से शुरू हुए 20वें राष्ट्रमंडल खेलों का खास आकर्षण रायपुर के रुस्तम सारंग हैं. रुस्तम दूसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. वह जीत के प्रति आश्वस्त हैं लेकिन इस बार इसे बड़ी चुनौती भी मान रहे हैं.

रुस्तम के हवाले से उनके भाई अजयदीप सारंग ने कहा कि श्रीलंका और मलेशिया के भारोत्तोलकों से उन्हें चुनौती मिलेगी. हालांकि रुस्तम ने अपनी सफलता को लेकर विश्वास व्यक्त किया है.

रुस्तम के पिता बुधराम सारंग ने कहा, “इस बार रुस्तम कोई चूक नहीं करेगा. उसने काफी तैयारी की है. वह पिछली गलतियों को भूल चुका है. और यही उसे इस बार पदक जीतने में मदद करेगा.”

नई दिल्ली में हुए 19वें राष्ट्रमंडल खेलों-2010 में रुस्तम ने पहली बार हिस्सा लिया था. तब वह एक अंक से पदक से चूक गए थे. लेकिन ग्लासगो में वह खुद को पदक का दावेदार मान रहे हैं.

भारोत्तोलन स्पर्धा के 62 किलोग्राम भारवर्ग में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे रुस्तम का कहना है कि इस बार उन्हें इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के चैम्पियन भारोत्तोलकों की बजाय मलेशिया, श्रीलंका और साइप्रस के भारोत्तोलकों से चुनौती मिल सकती है.

स्कॉटलैंड की राजधानी ग्लासगो में हो रहे राष्ट्रमंडल खेलों में रुस्तम छत्तीसगढ़ से दूसरी बार हिस्सा लेने वाले पहले खिलाड़ी बन गए. राष्ट्रमंडल खेलों के बाद रुस्तम एशियाई खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे.

रुस्तम ने कहा, “पिछली बार जो चूक हुई उसे मैं भूलकर आगे बढ़ चुका हूं. इस बार कोई चूक होनी ही नहीं है. पिछले चार साल मैंने काफी इंतजार कर लिया. इसके बाद मैं और इंतजार नहीं कर पाऊंगा. राष्ट्रमंडल में अगर मैं पदक जीत गया तो एशियाई खेलों में भी आसानी से पदक जीत जाऊंगा.”

राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने से पहले रुस्तम ने इंग्लैंड के बर्मिघम में 22 जून से 30 दिन तक प्रशिक्षण लिया है.

रुस्तम ग्लासगो में शुक्रवार को अपना अभियान शुरू करेंगे. यह मुकाबला भारतीय समयानुसार रात 11.0 बजे शुरू होगा.

रुस्तम के भाई अजयदीप ने कहा है कि रुस्तम अगर इस बार अपना संतुलन साधने में कामयाब हो गए तो उन्हें पदक जीतने से कोई नहीं रोक सकता. बहरहाल, छत्तीसगढ़ के लोगों को शुक्रवार की रात रुस्तम के बेहतरीन प्रदर्शन का इंतजार है.

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