रायपुर में पुस्तक प्रदर्शनी शुरू

Monday, September 8, 2014

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पुस्तक प्रदर्शनी

रायपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ की राजधानी में नौ दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी और लेखक-पाठक संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ रविवार को विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने किया. महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री अजय चंद्राकर ने की. कृषि और जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार और साहित्य प्रेमी भी कार्यक्रम में शामिल हुए. इस कार्यक्रम का समापन हिंदी दिवस के अवसर पर 14 सितंबर को होगा.

शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि साहित्य अपने समय और समाज का दस्तावेज होता है. अच्छा साहित्य वही है, जिसमें सबके हित की भावना होती है. साहित्यकार अपने साहित्य सृजन के जरिए जीवन का निचोड़ समाज के सामने रखते हैं.

अग्रवाल ने राजभाषा हिंदी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय एकता की भाषा है. विधानसभा अध्यक्ष ने इस अवसर पर ‘स्वामी दयानंद की जरूरत क्यों’ शीर्षक से प्रकाशित अजय आर्य की पुस्तक का विमोचन भी किया.

संस्कृति मंत्री चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ कला, संस्कृति, साहित्य की दृष्टि से भी काफी समृद्ध है. यहां के साहित्यकारों और कलाकारों ने देश-विदेश में राज्य का नाम रौशन किया है.

चंद्राकर ने प्रदेश के साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने के लिए उनकी अप्रकाशित कृतियों के प्रकाशन की जरूरत पर बल दिया और कहा कि इस दिशा में संस्कृति विभाग द्वारा हरसंभव सहयोग दिया जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ी साहित्य, लोक संस्कृति, लोक नाट्य, व्यंजन, वेशभूषा और जनजातियों की संस्कृति के दस्तावेजीकरण के लिए दिल्ली की संस्था सह-पीडिया के साथ अनुबंध किया गया है.

कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजेंद्र मिश्रा, संस्कृति संचालक राकेश चतुर्वेदी, राजकमल प्रकाशन के प्रबंध संचालक अशोक महेश्वरी सहित अन्य राज्यों के साहित्यकार, प्रबुद्धजन भी उपस्थित थे. यह आयोजन राजकमल प्रकाशन के सहयोग से किया गया है.

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