सोलापुर में बंधक छत्तीसगढ़ के मजदूर

Friday, September 4, 2015

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कामगार

कोरबा | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा के मदनपुर के आठ मजदूर अभी भी महाराष्ट्र के शोलापुर में बंधक बने हुये हैं. कोरबा के सांसद डॉ. बंशीलाल महतो के हस्तक्षेप के बाद पुलिस तथा प्रशासन उन्हें छुड़ाने के प्रयास कर रहा है. उल्लेखनीय है कि मदनपुर के 12 मजदूरों को उसी गांव के दलाल पवन सिंह पिता करण सिंह व गुलाब सिंह पिता श्री प्रसाद ने महाराष्ट्र के सोलापुर में ले जाया गया था.

सोलापुर के बोरवेल्स कंपनी में काम करने वाले छत्तीसगढ़ के इन मजदूरों के साथ मारपीट तक की जाती ती. जिससे डर कर 4 मजदूर किसी तरह से भागकर कोरबा वापस आ गये हैं. उन्होंने ही सासंद को बाकी के 8 मजदूरों के वहां बंधक बने कोने की सूचना दी है. वापस लौटे मजूदरों में वृंदा कुमार से काम के दौरान मारपीट भी गई है. वर्तमान मे वृंदा का इलाज जिला चिकित्सालय में चल रहा है.

वृंदा ने बताया है कि शोलापुर में मजदूरों को दिन रात काम करवाया जा रहा है. उनके साथ मारपीट भी की जाती है. इसके अलावा उनका मोबाईल फोन भी छीन लिया गया है जिस कारण से वे संपर्क नहीं बना पा रहे हैं.

अब भी महाराष्ट्र के सोलापुर में जो मजदूर बंधक बनाए गये हैं उनमें उत्तम सिंह, श्रीकेश्वर, संजय कुमार, भरत कुमार, बिहारी लाल, पुरान सिंह, रतन सिंह, गोकुल सिंह, बिहारी राठिया शामिल हैं.

सोलापुर शहर दक्षिण-पश्चिमी भारत के महाराष्ट्र राज्य के सोलापुर ज़िले का प्रशासनिक मुख्यालय, सीना नदी के किनारे स्थित है. सोलापुर मुंबई-हैदराबाद सड़क व रेलमार्गों पर स्थित है, जो बीजापुर और गडग को जाने वाली छोटी लाइनों से भी जुड़ा है. सोलापुर कपास और अन्य कृषि उत्पादों के व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ है. सोलापुर एक औद्योगिक केंद्र भी है, सूती वस्त्र के क्षेत्र में यह मुंबई के बाद दूसरा केंद्र है.

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ की प्रति व्यक्ति सकल घरेलू आय 64,442 रुपये है जबकि महाराष्ट्र की 1,29,235 रुपये है. जाहिर सी बात है कि लोग ज्यादा पैसे की ललक में जो उनकी जरूरत भी है दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर जाते हैं.

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