कोरबा: प्लास्टर के बाद हाथ काटना पड़ा

Friday, November 28, 2014

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साहू अस्पताल- कोरबा

कोरबा | अब्दुल असलम: छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक डॉक्टर की कथित लापरवाही की कीमत स्कूली छात्र को हाथ गवां कर चुकानी पडी है. कोरबा के कक्षा दसवीं के छात्र जैनेंद्रनाथ का हाथ खेलते समय टूट गया था. जिसके बाद उसके परिजनों ने कोरबा के टीपी नगर स्थित साहू अस्पताल में उसका ईलाज करवाया था. साहू अस्पताल के डॉक्टर राजेन्द्र साहू ने बच्चे के हाथ में प्लास्टर कर दिया था परन्तु बाद में उसी हाथ के सड़ने से जैनेंद्रनाथ को अपना हाथ कटवा देना पड़ा.
पीडित छात्र के परिजनो कीं रिपोर्ट पर कोतवाली थाना में डॉक्टर राजेन्द्र साहू के खिलाफ इलाज में कोताही बरतने का अपराध दर्ज कर लिया गया हैं.

छत्तीसगढ़ के कोरबा के फोकटपारा निवासी कक्षा दसवी में पढ़ने वाले जैनेंद्रनाथ का 8 अप्रैल को खेलने के दौरान हाथ टूट गया था. उसके बाद उसके परिजनों ने जैनेंद्रनाथ का ईलाज टीपी नगर स्थित हड्डी रोग चिकित्सक डॉ.राजेंद्र साहू के अस्पताल में कराया. जहां पर डॉक्टर ने उसके हाथ में प्लास्टर लगाया गया. कुछ दिनों बाद जैनेंद्रनाथ के हाथ में सूजन और तकलीफ बढञने पर डॉक्टर को बताया गया तो डॉक्टर ने पट्टी खोली तो पता चला की उसके हाथ में गैस गैंगरिन हो गया हैं. जिसका उपचार कोरबा में नहीं होने का हवाला देते हुये उसे बिलासपुर सिम्स रिफर कर दिया गया था.

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के सिम्स के डॉक्टरो ने हाथ के सडने की जानकारी देते हुये तुरंत हाथ को काटने की सलाह दी नहीं तो पूरे शरीर में जहर फैलने से जीवन संकट में पड़ने की बात बताई. डॉक्टरो की सलाह पर गरीब परिवार ने अपने मासूम का जीवन बचाने उसका बायां हाथ कटवा दिया.

जैनेंद्रनाथ के परिजनो का आरोप हैं कि डॉ.राजेंन्द्र साहू की लापरवाही से उनके बेटे का हाथ खराब हो गया. एक हाथ से लाचार जैनेंद्रनाथ को पढ़ने लिखने के साथ कई परेशानी का सामना करना पड रहा हैं.

इधर कोतवाली पुलिस ने पीड़ित परिवार की रिपोर्ट पर डॉ.राजेंन्द्र साहू के खिलाफ इलाज में कोताही कर मानव जीवन को संकट मे डालने का अपराध दर्ज कर लिया. कोतवाली थाना के एसआई जांच अधिकारी वीसी राय ने बताया कि जिला अस्पताल की मेडिकल बोर्ड टीम की रिपोर्ट में भी साफ तौर पर डॉ.राजेन्द्र साहू की लापरवाही को माना हैं.

वहीं, इस मामले में आरोपी डॉ.राजेन्द्र साहू उन पर लगे आरोपो को गलत बता रहे हैं और साथ ही मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर भी सवाल खडे कर रहे हैं.

गौरतलब है कि डॉ.राजेन्द्र साहू के खिलाफ लापरवाही का ये कोई पहला मामला नहीं हैं इससे पहले भी इलाज में लापरवाही का मामला उजागर हो चुका हैं लेकिन मामला पुलिस तक नहीं पहुचने के कारण कोई कारवाई नहीं हुई थी. धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर की एक लापरवाही जैनेंद्रनाथ की जिंदगी को बदरंग कर दिया हैं उसकी पूर्ति गरीब परिवार तो क्या कोई पूरा नही कर सकता.

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