पं. दीनदयाल पर सवाल के बाद IAS अटैच

Saturday, October 8, 2016

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रायपुर | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ के IAS अफसर ने पं. दीनदयाल का योगदान पूछा है. भाजपा के पितृपुरुष माने जाने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय को लेकर यह सवाल पूछने वाले कांकेर के जिला पंचायत के सीईओ आईएएस अफसर शिव अनंत तायल को उनके पद से हटा दिया गया है. उन्हें फिलहाल रायपुर मंत्रालय में तत्काल प्रभाव से अटैच कर दिया गया है और उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है.

शुक्रवार को ही तायल ने फेसबुक पर यह पोस्ट की थी. भाजपा के प्रेरणास्त्रोत और केंद्र और विभिन्न राज्यों सरकारों के रोल मॉडल पं. दीनदयाल उपाध्याय के बारें जो पोस्ट किया था उससे विवाद की स्थिति बन गई थी. विवाद बढ़ते देख युवा अफसर ने पं. दीनदयाल के बारें में अपने पोस्ट को डिलीट कर दिया और फिर एक माफीनामा भी चस्पा किया. लेकिन राज्य सरकार ने तायल के इस माफीनामे को नज़रअंदाज़ कर दिया.

2012 बैच के आईएएस अफसर शिव अनंत तायल ने शुक्रवार सुबह 9 बजे अपने फेसबुक के वॉल पर लिखा था कि लेखक या विचारक के रूप में उपाध्याय का एक भी ऐसा काम नहीं, जिससे उनकी विचारधारा समझी जा सके. इंटरनेट पर भी उनके दो-चार लेक्चर मिलते हैं.

आईएएस तायल ने फेसबुक पोस्ट में कहा था-वेबसाइटों में एकात्म मानववाद पर उपाध्याय के सिर्फ चार लेक्चर मिलते हैं. वह भी पहले से स्थापित आइडियाज थे. उपाध्याय ने कोई चुनाव भी नहीं लड़ा. इतिहासकार रामचंद गुहा की पुस्तक मेकर्स ऑफ मार्डन इंडिया में आरएसएस के तमाम बड़े लोगों का जिक्र लेकिन उसमें उपाध्याय कहीं नहीं. मेरी अकादमिक जानकारी के लिए कोई तो पंडित उपाध्याय के जीवन पर प्रकाश डाले.

हालांकि आईएएस तायल ने अपने इस फेसबुक पोस्ट को डिलीट कर दिया है परन्तु इसका कई लोगों मे स्क्रीन शॉट लेकर रखा हुआ है. खबर है कि भाजपा के शीर्ष नेता बेहद खफा हैं और कार्यवाही को लेकर दबाव बना रहे हैं. माना जा रहा है कि सरकार इस मामले में कड़ा फैसला ले सकती है. फिलहाल जो कार्रवाई हुई है, उसके अलावा भी माना जा रहा है कि राज्ताय सरकार तायल पर कोई और अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है.

गौरतलब है कि हाल ही में छत्तीसगढ़ के एक और आईएएस अफसर अलेक्स पॉल मेनन का मामला ठंडा ही नहीं हुआ था कि यह नया मामला सामने आ गया है.

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