पुत्रवधु को भी अनुकंपा नियुक्ति

Wednesday, April 27, 2016

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महानदी भवन- मंत्रालय

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में पुत्रवधु को भी अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने का निर्णय लिया गया है. राजधानी रायपुर में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया है. उल्लेखनीय है कि जनवरी 2016 में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने आश्रित बहू को सरकारी अनुकंपा नियुक्ति के योग्य माना था. छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की एकल पीठ के जस्टिस संजय के. अग्रवाल ने यह निर्णय सुनाया था. अपने निर्णय में हाई कोर्ट ने कहा था कि सास-ससुर पर आश्रित बहू को भी सरकारी अनुकंपा नियुक्ति मिलने का अधिकार है.

आश्रित बहू को अनुकंपा नियुक्ति के लिये याचिका राजनांदगांव की श्रीमती दुलिया बाई पति प्यारे लाल यादव ने वकील आरके केशरवानी के माध्यम से लगाई थी. 38 वर्षीय दुलिया बाई अपने पति की मृत्यु के पश्चात् अपने सास बुधियारीन बाई के साथ रह रही थी. बुधियारीन बाई लोक निर्माण विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थी.

नौकरी में रहते हुये ही 30 जून 2011 को बुधियारीन बाई की मृत्यु हो गई थी. जिसके बाद उनकी बहू दुलिया बाई ने अनुकंपा नियुक्ति के लिये आवेदन किया था जिसे खारिज कर दिया गया था.

छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक ने यह भी निर्णय लिया है कि हेलमेट न पहनने पर दो-पहिया वाहन चालक तथा सवार को अब जुर्माना 500 रुपये के स्थान पर 200 रुपये लगेगा.

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