दो साल तक वैध रहेगा मुख्तारनामा

Tuesday, March 4, 2014

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आदेश

रायपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ में अचल संपत्ति से संबंधित मुख्तारनामा (पॉवर ऑफ एटार्नी) के दस्तावेजों की वैधता अब सिर्फ दो साल रहेगी. साथ ही इसमें स्टाम्प शुल्क भी अधिक लगेगा.

राज्य सरकार ने जमीन के कारोबार में मुख्तारनामे का दुरुपयोग रोकने और उसे नियंत्रित करने के लिए यह फैसला लिया है. अब तक मुख्तारनामा की वैधता को लेकर कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं थी, जिसके चलते इसका दुरुपयोग भी होता था. परिवार के सदस्यों के पक्ष में लिखे गए मुख्तारनामे में समय-सीमा का बंधन नहीं है. यह नई व्यवस्था एक अप्रैल से लागू होगी.

छत्तीसगढ़ के वाणिज्यिक कर आयुक्त आर.एस. विश्वकर्मा ने बताया कि अचल संपत्ति से संबंधित मुख्तारनामा को नियंत्रित करने के लिए दो साल की समय-सीमा निर्धारित करते हुए स्टाम्प शुल्क को बढ़ाया जा रहा है. लेकिन परिवार के सदस्यों के पक्ष में लिखे गए मुख्तारनामे में समय-सीमा का बंधन नहीं है. इससे संबंधित भारतीय स्टाम्प (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक को विधानसभा में पारित किया जा चुका है. राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी की जाएगी.

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, भारतीय स्टाम्प अधिनियम के अंतर्गत राज्य में ऐसे विलेखों के लिए स्टाम्प शुल्क का प्रावधान है. अचल संपत्ति की खरीदी-बिक्री संबंधी दस्तावेजों में स्टाम्प शुल्क की दर को साढ़े सात प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया गया है. यह कमी केंद्र प्रवर्तित जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन को क्रियान्वित करने के परिप्रेक्ष्य में राज्य व केंद्र सरकार के बीच हुए एमओयू के अनुक्रम में की गई है.

वर्तमान में अचल संपत्ति की खरीदी-बिक्री के दस्तावेजों पर संपत्ति के बाजार मूल्य की पांच प्रतिशत की दर से स्टाम्प शुल्क लगता है. फलस्वरूप अन्य प्रकार के विलेखों जैसे बंधपत्र, दान, बंटवारा आदि पर स्टाम्प शुल्क की दरों को युक्तियुक्त किया जाना आवश्यक हो गया था. इसी प्रकार स्टाक, शेयर डिबेंचर मामले में भी स्टाम्प शुल्क की दर का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है, ताकि राज्य को समुचित राजस्व मिल सके.

बताया गया है कि अचल संपत्ति की खरीदी-बिक्री के लिए किसी व्यक्ति को अधिकृत करने के लिए लिखे गए मुख्तारनामे पर अब एक हजार रुपये का स्टाम्प शुल्क लगेगा, जबकि इसके पहले एक सौ रुपये के स्टाम्प शुल्क लगता था. यह मुख्तारनामा दो साल तक के लिए मान्य रहेगा, जबकि परिवार के किसी सदस्य के पक्ष में लिखे गए मुख्तारनामे में भी एक हजार का स्टाम्प शुल्क लगेगा, लेकिन इसमें समय-सीमा का बंधन नहीं रखा गया है. परिवार से अभिप्राय व्यक्ति का पिता, मात, पति या पत्नी, पुत्र, पुत्री, पुत्रवधू, भाई, बहन और पौत्र-पौत्री से है.

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