मलाला को सर्वोच्च सम्मान

Tuesday, September 17, 2013

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मलाला युसफजई

लंदन |एजेंसी: एमनेस्टी इंटरनेशनल का एंबेसेडर ऑफ कंसाइंस अवार्ड 2013 पाकिस्तान की स्कूली छात्रा एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई को मंगलवार शाम आयरलैंड के डब्लिन में मैनसन हाउस में आयोजित समारोह में दिया जाएगा. मलाला को एंबेसेडर ऑफ कंसाइंस अवार्ड गायक बोनो और लेखिका अजर नफीसी प्रदान करेंगे.

ज्ञात्वय रहे कि यह पुरस्कार संयुक्त रूप से मलाला यूसुफजई और अमेरिकी गायक तथा मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय कार्यकर्ता हैरी बेलाफोंटे को दिया जा रहा है. एंबेसेडर ऑफ कंसाइंस अवार्ड मानवाधिकार क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है, जो उन व्यक्तियों को दिया जाता है, जो अपने जीवन के उदाहरणों से मानवाधिकार को बढ़ावा देते हैं और मानवाधिकार के लिए काम करते हैं.

एमनेस्टी इंटरनेशनल के महासचिव सलिल शेट्टी ने कहा, “हमारे दो नए एंबेसेडर ऑफ कंसाइंस कई मामलों में एक दूसरे से बिल्कुल भिन्न हैं. लेकिन दोनों में एक बात समान है कि दोनों ही कहीं भी और किसी के लिए भी मानवाधिकारों की लड़ाई जारी रखने के प्रति समर्पित हैं.”

उन्होंने कहा, “हैरी और मलाला अंतरात्मा के सच्चे राजदूत हैं, वे सार्वभौमिक अधिकारों, न्याय और मानवीय गरिमा की बात करते हैं और दूसरों को भी ऐसा करने की प्रेरणा देते हैं.”

पाकिस्तान की 16 वर्षीया स्कूली छात्रा मलाला यूसुफजई सबके लिए समान शिक्षा की पक्षधर हैं.

साल 2009 में बीबीसी के लिए लिखी गई अपनी डायरी में मलाला ने तालिबान के बालिका शिक्षा विरोधी होने और पाकिस्तान में लड़कियों के स्कूलों पर प्रतिबंध लगाने पर दुख जाहिर किया था, जिसके बाद पाकिस्तानी तालिबानी कट्टरपंथियों ने उसे गोली मार दी थी.

इस पुरस्कार पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मलाला ने कहा, “मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे इस अवार्ड के लिए चुना गया है. मैं आप सबको यह याद दिलाना चाहती हूं कि दुनियाभर में मेरे जैसे कितने बच्चों को हर दिन स्कूल जाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है.”

उन्होंने कहा, “मैं आशा करती हूं कि साथ मिलकर काम करने से एक दिन हमें दुनिया के हर कोने में हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचने की जरूरत का एहसास होगा.”

ज्ञात्वय रहे कि मलाला ने तालिबानी कट्टरत्ता के खिलाफ आवाज उठाई थी.

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