बड़े बोल

Wednesday, February 5, 2014

A A

अरविंद केजरीवाल

कनक तिवारी
आम आदमी पार्टी के नेता इन दिनों बड़े बोल बार बार बोल रहे हैं.राजनीति में दिखाऊ अहंकार टिकाऊ नहीं होता. अपने अल्पकाल में मिली बड़ी सफलता को आम आदमी पार्टी के लोग पचा नहीं पा रहे हैं.

दिल्ली को भाजपा और कांग्रेस की अहंकारी राजनीति ने नक्कारखाना बना दिया था. इसलिए वहां आम आदमी पार्टी की तूती भी बोलने लगी. लेकिन गिद्ध गिद्ध होता है. उसके पंजे में फंसी मैना को यह मुगालता नही होना चाहिए कि वह उसके पंजों से आसानी से छूट जाएगी.

मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल बार बार यही तोतारटंत करते हैं कि उन्होंने कांग्रेस से समर्थन नहीं मांगा. कांग्रेस यदि समर्थन वापस लेना चाहती है तो उन्हें उसकी परवाह नहीं है. एक अल्पमत सरकार के मुख्यमंत्री की कथनी और करनी में फर्क है. यदि नैतिकता का इतना ही दंभ है तो कांग्रेस से समर्थन नहीं लेना चाहिए था. भाजपा इस मिलीजुली कुश्ती के खेल में दर्शक या रेफरी की भूमिका में है. उसे सीटी या ताली तो बजानी ही है.

इसी बीच लगभग पांच निर्दलीय और बागी विधायकों के केजरीवाल का साथ छोड़ने की खबर है. यदि सरकार गिर ही गई तो इससे जम्हूरियत और दिल्ली की जनता का क्या भला होगा. यदि कटुता के बयान नहीं दिए जाते और शालीनता के साथ सरकार चलाई जाती तो आम आदमी पार्टी का क्या बिगड़ जाता. इस पार्टी की महिला नेता भी संगठन से नाराज़ हैं. बड़बोले प्रवक्ता संजय सिंह, मनीष सिसोदिया, गोपाल राय और आशुतोष वगैरह निश्चिंतता का पोचारा बार बार अपने चेहरे पर फेर रहे हैं.

यह कैसा राजनीतिक शगल है कि पार्टी की प्रतिष्ठा जनता की सुविधाओं से ऊपर है. आम आदमी पार्टी के लिए यह बड़ी प्राथमिकता है कि वह लोकसभा का चुनाव कैसे जीते. जिस दिल्ली की जनता की वह विधानसभा में परवाह नहीं कर रही है उसी से वह लोकसभा के लिए वोट मांगेगी. उस पर भी तुर्रा यह कि कांग्रेस और भाजपा के सारे नेता बल्कि कई अन्य पार्टियों के भी नेता आम आदमी पार्टी की सूची के अनुसार भ्रष्ट हैं.

इस पार्टी की राजनीतिक राय के अनुसार पिछले 65 वर्षों से देश में भ्रष्टों की हुकूमत चल रही है. अब जाकर कहीं आम आदमी पार्टी के कारण सतयुग की शुरुआत हुई है. ऐसी हरकतों से लोकतंत्र में मनोरंजन की स्थितियां तो बनती हैं लेकिन उससे जनता को किए गए वायदों का कबाड़ा ही होता है. दिल्ली के मतदाता आशंका में घिर गए हैं. ऐसे में वे आइंदा नये प्रयोग करने से परहेज़ भी कर सकते हैं.

* उसने कहा है-6

Tags: ,