चरमपंथियों के नाम एक संदेश

Friday, November 20, 2015

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आतंकी हमला

पेरिस | समाचार डेस्क: पेरिस में हुये हमले के बाद एनटोइने लीरीस का यह संदेश दुनिया भर में चर्चा में है. चरमपंथी संगठन आईएस के हमले में अपनी पत्नी हेलेना को खोने वाले एनटोइने लीरीस का यह संदेश दुनिया भर में वायरल हुआ है. एक वीडियो संदेश में लीरीस ने जो कुछ कहा है, वह किसी को भी हिला देने के लिये काफी है.

शुक्रवार रात तुमने एक असाधारण व्यक्ति का जीवन छीन लिया. मेरे जीवन का प्यार, मेरे बेटे की मां को, लेकिन मैं तुमसे नफ़रत नहीं करूंगा.
मैं नहीं जानता कि तुम कौन हो और मैं जानना भी नहीं चाहता. तुम मृत आत्माएं हो.

यदि वो ईश्वर जिसके नाम पर तुम अंधाधुंध लोगों को मार रहे हो, उसने अपनी छवि में हमें बनाया है तो मेरी बीवी के जिस्म में धंसी हर गोली उस ईश्वर के हृदय में एक ज़ख़्म है.

इसलिए मैं तुम्हें अपनी नफ़रत का तोहफ़ा नहीं दूंगा.तुम यही नफ़रत चाहते हो लेकिन ग़ुस्से में अगर प्रतिक्रिया दी जाए तो क्या तुम डरोगे? तुम चाहते हो, मैं अपने साथी नागरिकों पर अविश्वास की नज़र रखूं. अपनी आज़ादी को सुरक्षा के लिए त्याग दूं.तुम हार गए हो. वही खिलाड़ी है. वही खेल है.

मैंने आज सुबह उसे देखा था. कई रातों और दिनों के इंतज़ार के बाद. वो इतनी ही सुंदर थी जितनी की शुक्रवार शाम को जब वो गई थी, तब थी.
उतनी ही ख़ूबसूरत जितनी जब मैं बारह साल पहले उसके प्यार में पागल था, तब थी. हां, पीड़ा ने मुझे तोड़ा दिया है. बस मैं तुम्हें इतनी छोटी सी जीत दूंगा. लेकिन ये पीड़ा भी हमेशा नहीं रहेगी.

मैं जानता हूं कि वो रोज़ मेरे साथ होगी और हम दोनों एक दूसरे से आज़ाद रूहों के स्वर्ग में मिलेंगे. जहां तुम कभी नहीं पहुँच पाओगे.

अब हम सिर्फ़ दो हैं. मैं और मेरा बेटा. लेकिन हम दुनिया की सभी सेनाओं से ज़्यादा शक्तिशाली हैं.

मेरे पास तुम्हारे लिए ज़्यादा वक़्त नहीं है. मुझे अपने बेटे मेविल के पास जाना है, जो अभी अपनी दोपहर की नींद से उठा है. वो सिर्फ़ सत्रह महीने का है. वो रोज़ की तरह अपना नाश्ता करेगा. और फिर हम रोज़ की तरह खेलेंगे. और अपने जीवन के हर दिन, ये मासूम बच्चा अपनी ख़ुशी और आज़ादी से तुम्हें शर्मसार करेगा. क्योंकि तुम्हें उसकी नफ़रत भी नहीं मिलेगी.

एंटोइने लीरीस

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