छत्तीसगढ़ में फिर बाघ की खाल जप्त

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में वन विभाग की टीम ने फिर एक बाघ की खाल बरामद की है. वन विभाग के अधिकारियों ने कांकेर में रविवार दोपहर एक शिकारी के पास से यह खाल बरामद की है. इस मामले में छह लोगों की गिरफ्तारी की भी खबर है.

वन विभाग के सूत्रों के अनुसार विभाग की एक टीम पिछले महीने भर से इस शिकारी की गतिविधियों पर नज़र रखे हुये थी. इसकी तलाश में डॉग स्क्वॉड को भी शामिल किया गया था. रविवार को वन विभाग के अधिकारियों ने सुबह से ही घेराबंदी की और शिकारी को बाघ की खाल के साथ गिरफ्तार कर लिया.


बताया जाता है कि इस बाघ की बिक्री की कोशिश हो रही थी, इसी दौरान वन विभाग को इसकी भनक लगी.

हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बाघ का शिकार छत्तीसगढ़ में ही किया गया है या फिर इसे कहीं और से मार कर, इसकी खाल छत्तीसगढ़ लाई गई है.

छत्तीसगढ़ में पिछले पांच साल में 19 बाघ के खाल बरामद किये गये हैं. इसी तरह पिछले 10 सालों में तेंदुए की 51 खाल बरामद की गई है.

छत्तीसगढ़ के वाइल्ड एनिमल एंटी पोचिंग डेटाबेस के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2014 से 2018 के मध्य 5 वर्षों में छत्तीसगढ़ में 18 बाघों की खाले जप्त की गई. इसी प्रकार वर्ष 2006 से 2017 के मध्य 51 तेंदुओं की खालें जप्त करने व शिकार के प्रकरण दर्ज किए गए. इनमें से 5 बाघों की खालें और 30 तेंदुओं की खालें कांकेर वन मंडल से बरामद की गई है.

छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या आधी रह गई है. 2014 में राज्य में 46 बाघ होने का दावा किया गया था. लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा 2019 में जारी रिपोर्ट के अनुसार राज्य में केवल 19 बाघ रह गये हैं. यह स्थिति तब है, जब देश भर में बाघों की संख्या में वृद्धि हुई है.

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