छत्तीसगढ़

रमन ने गिनाई 13 उपलब्धियां

रायपुर | संवाददाता: रमन सिंह ने अपनी सरकार की 13 उपलब्धियां गिनाई हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार तब तक बनी रहती है, जब तक जनता का विश्वास कायम रहता है. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जहां उम्मीदें होती है, विकास भी वहीं होता है. प्रदेश की जनता ने हम पर भरोसा किया है. रमन सिंह कहा कि लोगों के विश्वास को हम टूटने नहीं देंगे. सबके सहयोग से, सबके विकास के लिए उनकी सरकार छत्तीसगढ़ की दो करोड़ 55 लाख जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का पूरा प्रयास कर रही है.

गौरतलब है कि रमन सरकार की तीसरी पारी के तीन साल कल 12 दिसम्बर को पूर्ण हो रहे हैं और उनकी सरकार तीसरी पारी के चौथे वर्ष में प्रवेश कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 13 सालों में प्रदेश ने विकास के हर क्षेत्र में शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं. राज्य सरकार की योजनाओं से छत्तीसगढ़ में विकास और विश्वास का वातावरण बना है. सुदूर सरगुजा और बस्तर के इलाकों में अच्छी और पक्की सड़कों का जाल बिछा है. वर्ष 2003 में राज्य सरकार का बजट लगभग सात हजार करोड़ था, जो चालू वित्तीय वर्ष 2016-17 में बढ़कर 78 हजार करोड़ रूपए से ज्यादा हो गया है.

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में प्रति व्यक्ति औसत वार्षिक आमदनी 10 हजार से बढ़कर 82 हजार हो गई है. सरकारी, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में राज्य की कुल बिजली उत्पादन क्षमता 4732 मेगावाट से बढ़कर 22764 तक पहुंच गई है. मुख्यमंत्री ने 13 साल की 13 प्रमुख उपलब्धियों की भी जानकारी दी :

1. मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना- देश का पहला खाद्य और पोषण सुरक्षा कानून छत्तीसगढ़ ने बनाया. इस कानून के तहत 58 लाख 80 हजार परिवारों को खाद्यान्न सहायता- एक रू. किलो चावल प्रति सदस्य 7 किलो प्रतिमाह की दर से दिया जा रहा है. उन्हें निःशुल्क आयोडीनयुक्त नमक भी दिया जा रहा है. पीडीएस- देश की आदर्श/पारदर्शी सार्वजनिक वितरण प्रणाली.

2. किसानों को शून्य ब्याज दर पर ऋण- ऋण वितरण की राशि 150 करोड़़ रू. से बढ़कर लगभग 3 हजार करोड़ रू., समर्थन मूल्य पर धान खरीदी- विगत 13 वर्ष में 5 करोड़ 60 लाख मी.टन धान खरीदी, 53 हजार करोड़़ रू. का भुगतान.

3. मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना/108 संजीवनी एक्सप्रेस/102 महतारी एक्सप्रेस.

4. तेन्दूपत्ता संग्रहण- संग्रहण पारिश्रमिक 350 रू. से बढ़ाकर 1500 रू. प्रति बोरा, पारिश्रमिक और बोनस मिलाकर 13 वर्षों में 26 सौ करोड़ रू. का वितरण, अन्य वनोपजों इमली, चिरौंजी गुठली, महुआ, साल बीज, लाख की समर्थन मूल्य पर खरीद से 71 करोड़ रू. का भुगतान, तेन्दूपत्ता संग्राहकों को निःशुल्क चरणपादुका वितरण- 13 लाख संग्राहकों को निःशुल्क चरणपादुका वितरण पर 140 करोड़ रू. तथा महिलाओं को साड़ी वितरण पर 34 करोड़ रू. व्यय.

5. सरस्वती सायकल योजना- हाईस्कूल स्तर पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा बीपीएल परिवारों की बालिकाओं को निःशुल्क सायकल प्रदाय, दर्ज संख्या 65 से बढ़कर 93 प्रतिशत.

6. मुख्यमंत्री उच्च शिक्षण ऋण ब्याज अनुदान- गरीब परिवारों के महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं को एक प्रतिशत की दर से 4 लाख रू. तक का ऋण/नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शून्य ब्याज दर पर ऋण.

7. बालिकाओं को निःशुल्क शिक्षा-स्कूल से लेकर कॉलेज तक इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक में पढ़ने वाली छात्राओं को शिक्षण शुल्क से माफी.

8. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना- सामूहिक विवाह का आयोजन प्रशासन के सहयोग से, प्रत्येक बालिका के विवाह पर 15 हजार रू. की सहायता/लगभग 67 हजार कन्याओं का विवाह.

9. मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना- लगभग 2 लाख वरिष्ठजनों को निःशुल्क तीर्थस्थलों की यात्रा.

10. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना- 25 लाख महिलाओं को मात्र 200 रू. की पंजीयन राशि पर निःशुल्क गैस चूल्हा सहित कनेक्शन आदि देने का लक्ष्य, अब तक 4 लाख महिलाएं लाभान्वित.

11. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2022 तक सबको घर देना है.

12. सौर सुजला योजना के अंतर्गत 51 हजार किसानों को अत्यंत कम कीमत पर सोलर सिंचाई पम्प.

13. कौशल विकास/उच्च शिक्षा- कौशल उन्नयन का अधिकार युवाओं का देने हेतु कानून बनाने वाला देश का पहला राज्य. देश में कौशल उन्नयन प्रशिक्षण के लक्ष्य का 15 प्रतिषत से अधिक सिर्फ छत्तीसगढ़ द्वारा पूरा करने का लक्ष्य. सभी 27 जिलों में लाइवहलीहुड कॉलेज बनाए हैं. छत्तीसगढ़ में आईआईटी, एनआईटी, एम्स, आईआईएम, ट्रिपल-आईटी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसी समस्त संस्थाओं की स्थापना.मेडिकल कॉलेज 2 से बढ़कर 10, जिसमें से 3 निजी. इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या 12 से बढ़कर 49 हो गई.

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