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भारत रत्न पर महाभारत

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: भारतीय राजनीतिक पटल पर भारत रत्न को लेकर महाभारत छिड़ गया है. इस महाभारत की शुरुआत भाजपा ने की है, सचिन को भारत रत्न दिये जाने की घोषणा के बाद से ही.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को राज्यसभा सांसद एवं भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सचिन और राव साहब भारत रत्न के हकदार हैं लेकिन अब तक अटल बिहारी वाजपेयी को यह अवार्ड क्यों नहीं दिया गया. प्रसाद ने रायपुर में संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि नेहरू को तो कांग्रेस ने भारत रत्न दिया पर उन्हीं के साथी रहे सरदार पटेल को उनकी मौत के 41 साल बाद यह अवार्ड दिया गया वो भी भाजपा के कार्यकाल में. सरदार पटेल और मौलाना अब्दुल कलाम को भारत रत्न देने में देरी क्यों? कांग्रेस देश के सर्वोच्च सम्मान के लिए सियासत क्यों करती है?

बिहार की सतारूढ़ जनता दल, युनाइटेड के नेता और सांसद शिवानंद तिवारी ने सोमवार को महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि करोड़ों रुपये कमाने वाले खिलाड़ी को भारत रत्न देने का कोई औचित्य नहीं है. तिवारी ने कहा कि जिस तरह भारत रत्न की मांग हो रही है, उससे तो लगता है कि भारत रत्न देने की परंपरा को ही समाप्त कर देना चाहिए. तिवारी ने महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद और राजनेता कर्पूरी ठाकुर का जिक्र करते हुए कहा कि देश में ऐसी कई शख्सियतें हैं, जो सचिन से पहले भारत रत्न की हकदार थी. उन्होंने सवाल उठाया कि खेल मंत्रालय ने तो खेल दुनिया से ध्यानचंद को भारत रत्न देने की वकालत की थी तब फिर सचिन को भारत रत्न देने की घोषणा कैसे की गई? जद, यू नेता ने कहा कि आज क्रिकेट में बेहिसाब पैसा है, क्रिकेट ने सारे खेलों को बर्बाद कर दिया है.

नेशनल कांफ्रेस के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के लिए देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न की मांग का समर्थन किया. अब्दुल्ला ने संवाददाताओं से कहा, “मैं भारतीय जनता पार्टी का सदस्य नहीं हूं, लेकिन एक भारतीय और कोई व्यक्ति यह नहीं भूल सकता कि वाजपेयी जी एक महान नेता हैं. मैं सरकार से अंतत: उन्हें भारत रत्न दिए जाने का अनुरोध करता हूं.”

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को अपनी ही पार्टी के सांसद शिवानंद तिवारी द्वारा क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न दिए जाने की घोषणा पर सवाल उठाए जाने वाले बयान को उनकी व्यक्तिगत राय बताया. उन्होंने हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, कर्पूरी ठाकुर और महान चिंतक राम मनोहर लोहिया को भारत रत्न देने की मांग कर डाली. पटना में पत्रकारों द्वारा भाजपा नेताओं की ओर से वाजपेयी को भारत रत्न दिए जाने की मांग पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मांग करने में दिक्कत क्या है? लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का अधिकार है. उन्होंने कहा कि वाजपेयी, कर्पूरी ठाकुर और लोहिया जैसे ऐसे कई नाम हैं जिन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए.

अभिनेता अनिल कपूर ने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर को भारत रत्न दिए जाने के फैसले की सराहना की है. उन्होंने कहा कि राष्ट्र के सर्वोच्च सम्मान से सचिन को विभूषित करने का फैसला सराहनीय है. अनिल ने ‘महाभारत थ्री डी’ फिल्म के पोस्टर लांच के अवसर पर संवाददाताओं से कहा, “मुझे यह जानकर खुशी हुई कि सचिन को भारत रत्न दिया जा रहा है. मुझे लगता है कि इस सम्मान के लिए वह सबसे योग्य भारतीय हैं.” उन्होंने कहा, “वह एक महान भारतीय हैं. एक खिलाड़ी के रूप में वह महान हैं. दुनिया के बेहतरीन क्रिकेटरों में से एक हैं. यह एक सराहनीय फैसला है. इससे बढ़िया बात कोई और नहीं हो सकती थी कि किसी ऐसे इंसान को यह सम्मान दिया जा रहा है, जिसने अपना जीवन पूरी ईमानदारी और सच्चाई से खेल के नाम कर दिया.”

पिछले सप्ताह मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अपना 200वां टेस्ट मैच खेलने के बाद सचिन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया. बहरहाल सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न मिलने के पहले ही कई और दावेगारो का नाम आ जाना बताता है कि राज नेताओं में चुनावी साल में मुद्दा चाहियें, चाहे वह देश के सर्वोच्य नागरिक सम्मान का ही क्यों न हो.

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