महाराष्ट्र में मुश्किल में सरकार

मुंबई | डेस्क: कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा है कि उनकी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात हुई है. कमलनाथ के मुताबिक़ उद्धव ठाकरे ने उनसे ये कहा है कि फ़िलहाल राज्य विधानसभा को भंग करने का कोई प्रस्ताव नहीं है.

बीबीसी के अनुसार विधानसभा भंग करने को लेकर अटकलें उस समय तेज़ हो गई थी, जब शिवसेना सांसद संजय राउत ने इस बारे में एक ट्वीट किया था.


उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि महाराष्ट्र का राजनीतिक घटनाक्रम विधानसभा भंग होने की दिशा में जा रहा है.

इस बीच एनसीपी के नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री छगन भुजबल ने मध्यावधि चुनाव से इनकार किया है और कहा है कि अभी इस बारे में कोई चर्चा नहीं हुई है. जब से एकनाथ शिंदे शिवसेना के कुछ विधायकों के साथ पहले गुजरात और फिर असम पहुँचे हैं, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार संकट में नज़र आ रही है.

इस समय उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक चल रही है. उद्धव कोरोना पॉज़िटिव हैं, इसलिए वे वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए मीटिंग में शामिल हुए हैं. दूसरी ओर प्रदेश के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी भी कोरोना संक्रमित होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं. कमलनाथ कांग्रेस के पर्यवेक्षक के रूप में महाराष्ट्र में हैं.

उन्होंने कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक भी की, जिसमें 41 विधायक शामिल हुए. महाराष्ट्र में कांग्रेस के 44 विधायक हैं. लेकिन कमलनाथ ने स्पष्ट किया है कि उनके बाक़ी के तीन विधायक रास्ते में हैं और पहुँच जाएँगे. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी धन-बल का इस्तेमाल कर रही है, जो संविधान के ख़िलाफ़ है. इस बीच महाराष्ट्र में मौजूदा राजनीतिक संकट के मद्देनज़र कई इलाक़ों में शिवसैनिकों ने प्रदर्शन भी किए हैं.

शिवसेना के विधायक एकनाथ शिंदे ने कहा है कि फ़िलहाल उनके पास 46 विधायक हैं, जिनमें 6-7 निर्दलीय विधायक भी शामिल हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में शिंदे ने कहा कि आने वाले समय में ये संख्या और बढ़ेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि फ़िलहाल उन्हें बीजेपी की ओर से ना तो कोई प्रस्ताव मिला है और न ही वे बीजेपी के साथ कोई बातचीत ही कर रहे हैं.

इधर एक विधायक ने एकनाथ शिंदे का साथ छोड़ दिया है और सूरत से नागपुर वापस लौट आए हैं.

नागपुर लौटे शिवसेना के विधायक नितिन देशमुख ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “रात को मैं होटल से मैं निकला हूँ. मैं रात को 3 बजे सड़क पर खड़ा था. मेरे पीछे 100-200 पुलिस थी. मैं किसी वाहन में बैठना चाहता था लेकिन वो मुझे बैठने नहीं दिए. 100 से 150 पुलिस वाले मुझे अस्पताल ले गए और वहाँ नाटक रचा कि मेरे को अटैक आ गया है. अटैक का कारण बताकर वो मेरा ऑपरेशन करना चाहते थे. उस बहाने से मुझे नुकसान पहुँचाना चाहते थे. भगवान की कृपा से मैं ठीक हूँ. मैं उद्धव ठाकरे के साथ हूँ.”

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