लालू बोले- चोर होता तो जेल नहीं, भाजपा में होता

पटना। डेस्क: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद भले ही जेल में बंद हों, परंतु उनके ट्विटर हैंडल से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लगातार निशाना साधा जा रहा है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के ट्विटर हैंडल से सोमवार को एक ट्वीट में भाजपा पर निशाना साधते हुए लिखा गया, लालू चोर होता तो जेल में नहीं, भाजपा (बीजेपी) में होता।

वैसे यह कोई पहली बार नहीं है कि लालू ट्विटर द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर निशाना साध रहे हैं.


उल्लेखनीय है कि अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद लालू ने ट्वीट कर लोगों को यह संदेश दिया था कि वे जेल में रहने के बावजूद लोगों से ट्विटर के माध्यम से संदेश देते रहेंगे. उनका ट्विटर हैंडल का कार्य उनके परिवार के लोग और उनके कार्यालय के लोग करेंगे.

गौरतलब है कि छह जनवरी को चारा घोटाले के एक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो, रांची की विशेष अदालत ने लालू को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है. लालू फिलहाल रांची की एक जेल में बंद हैं.

जदयू ने राहुल को पत्र लिखकर पूछा – लालू से जेल में कब मिलेंगे
उधर, चारा घोटाला के एक मामले में सजा पाने के बाद जेल में बंद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद के बहाने बिहार में सत्ताधारी पार्टी जनता दल (युनाइटेड) ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा. राहुल गांधी के नाम एक खुला पत्र जारी करते हुए जद (यू) ने उनसे पूछा है कि वे लालू प्रसाद से जेल में जाकर कब मिलने वाले हैं.
पत्र जारी करते हुए प्रवक्ता संजय कुमार सिंह ने ‘चाणक्य नीति’ का हवाला देते हुए कहा, ‘चाणक्य नीति’ में बताया है कि वह कौन से हालात हैं, जो हमें यह बताते हैं कि कौन सा इंसान हमारे लिए अच्छा करता है और कौन बुरा.
उन्होंने कहा, आज आपकी कांग्रेस पार्टी की सहयोगी पार्टी राजद के प्रमुख लालू प्रसाद चारा घोटाला के एक मामले में रांची के बिरसा मुंडा जेल में कैदी नंबर 3351 बनकर अपनी सजा काट रहे हैं. ऐसे में आपका अब तक जेल पहुंचकर उनको सांत्वना नहीं देना ‘चाणक्य नीति’ के विपरीत है.
प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, राहुल गांधी ने सजायाफ्ता सांसदों और विधायकों को बचाने के लिए लाए गए अध्यादेश को बकवास बताते हुए उसे फाड़कर फेंक दिया था. लेकिन इसके बाद राहुल ने भ्रष्टाचार के आरोपी और लालू प्रसाद के पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव के साथ एक होटल में खाना भी खाया.

ऐसे में तेजस्वी का नमक खाने के बाद उनके ‘नमक’ की लाज तो राहुल गांधी को रखनी चाहिए. एक दोस्त के नाते कष्ट में पड़े लालू प्रसाद से मिलना उनका मित्र धर्म भी है.

पत्र में राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा गया है, जेल मैनुअल के मुतबिक एक सप्ताह में किसी कैदी से तीन ही लोग मिल सकते हैं. ऐसे में आप अपने सहयोगी दल के वर्तमान सर्वेसर्वा को और जेल प्रशासन को अपने आने की पहले ही सूचना दे दें.

राहुल पर तंज कसते हुए पत्र में आगे कहा गया, आप एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष हैं, ऐसे में आप अपने आईकॉन या राजनीतिक गुरु से विशेष परिस्थिति में भी जेल में मिलकर राजनीति के नए गुर सीख सकते हैं. बशर्ते इसके लिए आपको अदालत से आदेश लेना होगा.

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