एफडीआई की सीमा बढ़ेगी

नई दिल्ली | संवाददाता: वित्त मंत्री पी चिदंबरम मौजूदा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को 24 प्रतिशत से बढ़ाना चाहते हैं. इस संबंध में जुलाई के तीसरे हफ्ते होने वाली बैठक में फैसला लिया जा सकता है. भारत की अर्थव्यवस्था को चिदंबरम और उदार बनाना चाहते हैं. इस संबंध में सभी मंत्रालयों को डिपार्टमेंट आफ इन्डसट्रीयल पालिसी एंड प्रमोशन, डिप के माध्यम से लिखित में जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है. जिसे कैबिनेट की बैठक में प्रस्तुत किया जायेगा.

पिछले कुछ समय से ही जब से चिदंबरम वित्त मंत्री बने हैं उनकी यह कोशिश है कि रक्षा, दूरसंचार तथा बहु ब्रांड खुदरा के क्षेत्र में विदेशी निवेश को बढ़ाया जाये. चिदंबरम प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को अर्थव्यवस्था की प्रगति का घोतक मानते हैं.

वहीं उनके कई मंत्री मंडलीय सहयोगी इसका विरोध कर रहें हैं. गृह मंत्रालय को टेलिकॉम, रक्षा, अंतरिक्ष, विमानन और ब्रॉडकास्ट क्षेत्र में एफडीआई बढ़ाने पर ऐतराज है. टेलिकॉम सेक्टर में एफडीआई सीमा 74 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी करने का प्रस्ताव है. वहीं, रक्षा और प्रिंट मीडिया में 26 फीसदी के बजाय 49 फीसदी एफडीआई को छूट देने का विचार चल रहा है.

एफडीआई की 26 प्रतिशत सीमा को खत्म करने की सिफारिश करते हुए आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम ने कहा कि लगभग सभी क्षेत्रों में एफडीआई की सीमा बढ़ाकर 49 प्रतिशत कर दी जानी चाहिए.

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