मुर्गा-मुर्गी की हत्या, पोस्टमार्टम हुआ

कोरबा | अब्दुल असलम: छत्तीसगढ़ के कोरबा में मुर्गा-मुर्गी की हत्या के बाद पोस्टमार्टम हुआ है. पोस्टमार्टम से भी मुर्गा-मुर्गी की हत्या का पता नहीं चला इस कारण से बिसरा को सुरक्षित रख लिया गया है. कोरबा के सीएसईबी चौकी में एक अजीबों-गरीब मामला सामने आया है. पड़ोसी की बाड़ी से दाना चुगकर लौटे मुर्गा-मुर्गी और उसके 8 चूजों की शुक्रवार की सुबह मौत हो गई. इसके बाद मुर्गे के मालिक ने पुलिस चौकी पहुंचकर पड़ोसी पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया.

पुलिस मामले की जांच में जुट गई. मृत मुर्गा और चूजों के शव को पोस्टमार्टम के लिए रजगामार रोड स्थित पशु चिकित्सालय भेजा गया जहां पर डॉक्टर ने पोस्टमार्टम करने के बाद बिसरा सुरक्षित रख लिया है.

सीएसईबी चौकी क्षेत्र के मानसनगर निवासी लक्ष्मण यादव मजदूरी करता है. लक्ष्मण की पत्नी रागिनी ने मुर्गा-मुर्गी मायके से लेकर पाला था. जो गुरुवार को दाना चुगते हुए पड़ोसी राजा यादव की बाड़ी में पहुंच गए थे. जब शाम को वे लौटे तो रात में मुर्गा-मुर्गी चूजों को उनके लिए बनाये बाड़े में डाल दिया गया. सुबह वे सभी मृत हालत में मिले. लक्ष्मण व उसकी पत्नी ने इसके लिए पड़ोसी राजा यादव को जिम्मेदार ठहराया है.

उन्होंने बाड़ी में मर्गा-मुर्गी तथी चूजों को जहर डालकर मारने का आरोप लगाया है. उनके बीच इसको लेकर कहासुनी हुई तो सुबह यादव दंपत्ति मृत मुर्गा और मुर्गी को लेकर सीएसईबी चौकी पहुंचे. जहां प्रभारी ग्रहण सिंह राठौर को घटना की जानकारी देते हुए राजा पर जहर देकर मुर्गों की हत्या करने का आरोप लगाया.

पुलिस ने राजा से पूछताछ की तो उसने बाड़ी में लगे पौधे में कीटनाशक का छिड़काव करने की जानकारी देते हुए उसके असर से मुर्गों की मौत होने की संभावना जताई. पुलिस ने साधारण मामला मानकर दोनों पक्षों को समझाइश दी पर यादव दंपत्ति मामले में कार्रवाई की मांग पर अड़ गये.

हारकर पुलिस ने जांच के लिए मृत मुर्गा-मुर्गी के शव को पोस्टमार्टम के लिये रजगामार रोड स्थित पशु चिकित्सालय भेजा. जहां शवों का पोस्टमार्टम हुआ. मौत का कारण अस्पष्ट होना बताकर फारेंसिक जांच के लिए बिसरा प्रिजर्व कर लिया गया है. इससे पुलिस की जांच और उलझ गई है.

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