छत्तीसगढ़बिलासपुर

जोगी की जाति के रिकार्ड पेश करने का आदेश

बिलासपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की जाति से संबंधित मामले में हाईकोर्ट ने अब तक के सभी रिकार्ड दो दिन के भीतर पेश करने के आदेश दिये हैं. विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और भाजपा नेता बनवारी लाल अग्रवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुये मुख्य न्यायाधीश यतींद्र सिंह और प्रितिंकर दिवाकर की पीठ ने यह आदेश दिया है.

बनवारी लाल अग्रवाल ने 11 जुलाई, 2002 को अजीत जोगी के विरुद्ध फर्जी जाति प्रमाण पत्र लेने का आरोप लगाते हुये जनहित याचिका दायर की थी. जोगी की जाति के मामले में न्यायमूर्ति पी.सी. नायक और न्यायमूर्ति फखरूद्दीन की अदालत ने अपने आदेश में इसकी सुनवाई से बिना कोई कारण बताए इनकार कर दिया था.

बाद में लगभग 10 साल बाद हाईकोर्ट के जस्टिस सुनील कुमार सिन्हा ने पूर्व में अजीत जोगी का वकील होने का हवाला देते हुये अजीत जोगी के जाति प्रमाण पत्र की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था. अब इस मामले की सुनवाई करते हुये छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जोगी की जाति से संबंधित सारे दस्तावेज अदालत में पेश करने के आदेश दिये हैं. अदालत में 1967 से अब तक के समस्त रिकार्ड मांगे हैं.

गौरतलब है कि 13 अक्टूबर 2011 को सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को आदेश दिया था कि वह अजीत जोगी की जाति के पूरे मामले की हाई पावर कमेटी से जांच कराये.

अदालत ने कहा था कि अजीत जोगी की जाति पर निर्णय राज्य-स्तरीय छानबीन समिति सर्वोच्च न्यायालय द्वारा माधुरी पाटिल प्रकरण में निर्धारित विधि के अनुसार करेगी और अपनी रिपोर्ट 3 महीने के अन्दर उसे सौपेगी. इसके बाद अजीत जोगी ने अदालत के इस आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की थी.

error: Content is protected !!