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भारत-रूस में 20 नए समझौते

नई दिल्ली | एजेंसी: भारत और रूस ने गुरुवार को 20 समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिनमें से 13 वाणिज्यिक समझौते हैं. इन समझौतों के समय भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उपस्थित थे. इन समझौतों में ‘परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग में सहयोग बढ़ाने के लिए रणनीतिक दृष्टि’ भी शामिल है. इसमें अगले दो दशकों के लिए नागरिक परमाणु ऊर्जा सहयोग की एक कार्ययोजना तैयार की गई है.

इसके तहत रूस भारत में 12 परमाणु इकायां स्थापित करेगा.

दोनों देशों ने 2015-16 में तेल एवं गैस क्षेत्र में सहयोग के लिए ‘सहयोग कार्यक्रम’ पर भी हस्ताक्षर किए.

इसमें हाइड्रोकार्बन के संयुक्त उतखनन एवं उत्पादन, एलएनजी की लंबे समय तक आपूर्ति और रूस और भारत को जोड़ने वाली हाइड्रोकार्बन पाइपलाइन के संयुक्त अध्ययन जैसी परियोजनाओं में सहयोग के लिए ठोस कार्यक्रम शामिल है.

एक अन्य समझौता ‘रूस के रक्षा मंत्रालय के सैन्य शिक्षण संस्थानों में भारतीय सैन्यकर्मियों के प्रशिक्षण’ के लिए है.

दोनों पक्षों ने अपने विदेश मंत्रालयों के आपसी संपर्क के लिए एक प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए. एक अन्य समझौता स्वास्थ्य सेवा सहयोग के लिए है.

वाणिज्यिक समझौतों में कच्चे तेल की दीर्घकालीन आपूर्ति के लिए एस्सार और रोजनेफ्ट ने एक सहमतिपत्र पर हस्ताक्षर किए.

तमिलनाडु में कुडनकुलम परमाणु बिजली संयंत्र की तीसरी और चौथी इकाई के लिए भारतीय परमाणु बिजली निगम लिमिटेड, एनपीसीआईएल और एटमस्ट्रॉयएक्स्पोर्ट, एएसई ने एक औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए.

फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, फिक्की और डेलोवाया रोसिया ने एक सहमतिपत्र पर हस्ताक्षर किए. इसका मकसद आर्थिक सहयोग का विस्तार करना और आर्थिक सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करना है.

डेलोवाया रोसिया रूस को शीर्ष कारोबारी संघ है.

दोनों देशों की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ऑयल इंडिया लिमिटेड और जरूबेझनेफ्ट ने एक सहमतिपत्र पर हस्ताक्षर किए. इसका मकसद नए हाइड्रोकार्बन उत्खनन, उत्पादन और परिवहन परियोजनाओं में सहयोग करना है.

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