कलारायपुर

जब सिंघम सूर्या पहुंचे रायपुर

रायपुर | संवाददाता: सिंघम को जानते हैं? सिंघम यानी सूर्या शिवकुमार. साउथ की फिल्मों के सुपरस्टार सूर्या बुधवार को रायपुर पहुंचे थे. उनके साथ अगले साल आने वाली बायोपिक सूराराय पोट्टरू की टीम भी थी.

उनसे मिलने वालों में नक्सल ऑपरेशन के डीआईजी सुंदरराज पी तो थे ही, कई आईएएस भी सूर्या से मिलने पहुंचे. इन अफसरों के परिजन भी सूर्या से मिलने को लेकर काफी उत्साहित नज़र आये.

सूर्या के साथ फिल्म के निर्देशक सुधा के प्रसाद और सह-निर्माता राजशेखर भी रायपुर पहुंचे थे.

22 साल की उम्र में 1997 में डायरेक्टर वसंत की फिल्म ‘नेररुक्कू नेर’ से फिल्म इंडस्ट्री में प्रवेश करने वाले सूर्या साउथ का जाना-माना नाम है. उनकी इस पहली फिल्म के प्रोड्यूसर मणि रत्नम थे.


उनके पिता शिवकुमार साउथ के जाने-माने अभिनेता हैं. इसलिये सूर्या के लिये यह बड़ी चुनौती थी कि वे कैसे अपने आप को अलग साबित करें.

वे कहते हैं-“नंदा मेरी पहली ऐसी फिल्म थी, जिसे फिल्म इंडस्ट्री में बहुत सराहा गया. 2001 में आई इस फिल्म के लिये मुझे बेस्ट एक्टर का अवार्ड मिला.”

दक्षिण भारत की फिल्म इंडस्ट्री में सर्वाधिक मानदेय पाने वाले सूर्या एक-एक फिल्म के लिये 25 से 30 करोड़ रुपये लेते हैं.

वे तमिलनाडु राज्य का तीन बार का फिल्म पुरस्कार ले चुके हैं और उन्हें तीन बार फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिल चुका है.


‘रक्त चरित्र’, ‘कादले निम्माधि’, ‘कृष्णा’, ‘श्री’, ‘काका काका’, ‘निनाततु यारो’, ‘अंजान’, ‘कल्याणरमन’, ’24’ जैसी फिल्में तो उनके खाते में हैं ही, इसके अलावा 2010 में आई ‘सिंघम’ ने तो फिल्म इंडस्ट्री में धूम मचा दी. बाद में यह फिल्म हिंदी में भी बनी.

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