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छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में दाखिले की रफ्तार धीमी

रायपुर। संवाददाताः छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में इस वर्ष दाखिले की रफ्तार बेहद धीमी है. प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों में पहली मेरिट सूची के बाद गिनती के प्रवेश हुए हैं.

रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े और पुराने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में स्नातक प्रथम वर्ष की कुल 42 हजार सीटें हैं, जिनमें से पहली मेरिट सूची के आधार पर केवल 18-20 फीसदी सीटों पर ही दाखिले हुए हैं.

अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर में स्नातक प्रथम वर्ष की कुल 32 हजार 350 सीटों में से केवल 1027 विद्यार्थियों ने विभिन्न कॉलेजों में प्रवेश लिया है.

इसी तरह सरगुजा के संत गहिरागुरु विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में स्नातक प्रथम वर्ष की कुल 30 हजार 725 सीटें हैं. इन सीटों पर दाखिले के लिए 27 हजार 249 विद्यार्थियों ने पंजीयन करवाया था, लेकिन पहली मेरिट सूची के आधार पर केवल 2400 विद्यार्थियों ने ही विभिन्न कॉलेजों में दाखिला लिया है.

विश्वविद्यालय की ओर से दूसरी मेरिट सूची जारी कर दी गई है. इसके आधार पर दाखिले की प्रक्रिया जारी है, लेकिन बताया जा रहा है कि अभी भी दाखिले में तेजी नहीं आई है. दाखिले की इस धीमी रफ्तार ने विश्वविद्यालय और कॉलेजों की चिंता बढ़ा दी है.

हालांकि, माना जा रहा है कि कॉलेज स्तर दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने के बाद प्रवेश में तेजी आएगी और सभी कॉलेजों की विभिन्न संकायों की सभी सीटें भर जाएंगी.

प्रवेश की तारीख में 14 दिनों की कटौती

उच्च शिक्षा विभाग के एकेडमिक कैलेंडर के मुताबिक, इस बार स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश 31 जुलाई तक ही दिए जाएंगे. इसमें 14 दिनों की कटौती कर दी गई है. पहले कुलपति की अनुमति से 14 अगस्त तक प्रवेश दिए जाते थे.

स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए इस वर्ष विश्वविद्यालय की ओर से दो मेरिट सूची जारी की जानी है. प्रदेश के लगभग सभी शासकीय विश्वविद्यालयों ने दूसरी मेरिट सूची जारी कर दी है, जिसके आधार पर प्रवेश प्रक्रिया चल रही है.

दूसरी मेरिट सूची के बाद रिक्त सीटों पर कॉलेज अपने स्तर पर दाखिला देंगे. इसके लिए 15 से 25 जुलाई तक का समय दिया जाएगा. इसके बाद 26 से 31 जुलाई तक कुलपति की अनुमति से दाखिला हो सकेगा.

इसलिए कम दाखिला

प्रदेश के विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों में कम दाखिले के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण कारण ऑनलाइन आवेदन में 5 कॉलेजों के आप्शन को जिम्मेदार बताया जा रहा है.

इस बार ऑनलाइन आवेदन में प्राथमिकता क्रम में 5 कॉलेजों का आप्शन दिया गया है. अधिकांश विद्यार्थियों ने 5 कॉलेजों के विकल्पों को भरा है.

मेरिट सूची बारहवीं के अंकों के आधार पर जारी की गई है. इसलिए कई कॉलेजों की मेरिट सूची में एक ही छात्र के नाम आए हैं.

सूची के आधार पर विद्यार्थी किसी एक कॉलेज में ही दाखिला लेगा, इसलिए अन्य कॉलेजों की सीटें रिक्त दिख रही हैं.

कॉलेज स्तर पर दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही इस समस्या का समाधान हो पाएगा.

प्रमुख कॉलेजों का कट-ऑफ 80 प्रतिशत से ऊपर

राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से संबद्ध करीब 150 कॉलेज हैं, जिसके प्रमुख कॉलेजों का कट-ऑफ 80 प्रतिशत से ऊपर गया है.

बीएससी गणित के लिए कालीबाड़ी स्थित डिग्री गर्ल्स कॉलेज का कट-ऑफ 82.6, साइंस कॉलेज का 83.2 और छत्तीसगढ़ कॉलेज का 88 प्रतिशत गया है.

बायोलाजी विषय का कट-ऑफ भी 80 प्रतिशत से अधिक है. हालांकि, आरक्षित वर्ग के लिए कट-ऑफ कुछ कम है.

पहली मेरिट सूची में राजधानी के अन्य प्रमुख कॉलेजों का कट-ऑफ भी विज्ञान में 70 फीसदी, कॉमर्स में 65 और आर्ट्स में 60 फीसदी से अधिक गया है.

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