ट्रैफिक का डंडा, निजी हाथों में

रायपुर | संवाददाता: ट्रैफिक पुलिस रायपुर का ट्रैफिक संभाल नहीं पा रही है. इस कारण से निजी ठेकेदारों को नो-पॉर्किंग जोन में गाड़ी पॉर्क करने वालों से शुल्क वसूलने का जिम्मा दिये जाने का प्रस्ताव है. नो-पॉर्किंग जोन में, दुकानों के सामने गाड़ी खड़ी करने पर मना नहीं किया जावेगा केवल चक्के में लॉक लगा दिया जावेगा जिसमें समय दर्ज कर दिया जायेगा. इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जायेगी ताकि आगे विवाद की स्थित बनने पर सबूत दिया जा सके. इसके बाद घंटे के हिसाब से गाड़ी खड़ी करने वाले से शुल्क वसूला जायेगा. उम्मीद की जा रही है कि इससे रायपुर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार आयेगा.

जिस तरह से बाजार का ठेका दिया जाता है उसी तरह से नो-पॉर्किंग जोन में गाड़ी पॉर्क करने के लिये शुल्क वसूलने का ठेका दिये जाने का प्रस्ताव है. इसके लिये नगर निगम तथा जिला प्रशासन की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है.


पॉर्किंग जोन में दुपहिया गाड़ी पॉर्क करने का शुल्क 10 रुपये है वहीं नो-पॉर्किंग जोन में इसका प्रति घंटे 50 रुपये वसूला जायेगा. इसी तरह से तीन-चक्के तथा चार चक्के का पॉर्किंग जोन में शुल्क 20 रुपये है उसका नो-पॉर्किंग जोन में 200 रुपये वसूलने का प्रस्ताव है.

गौरतलब है कि रायपुर शहर में जहां-तहां गाड़ी खड़ी कर देने के कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ गई है. इसमें सबसे परेशानी इमरजेंसी के वक्त एंबुलेंस तथा फायर बिग्रेड की गाड़ी को मुश्किल का सामना करना पड़ता है.

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