धड़ल्ले से चल रही मीट की अवैध दुकानें

रायपुर | संवाददाता: रायपुर में ब्रायलर तथा मीट की 102 अवैध दुकानें है. पिछले 2 सालों में इनमें से मात्र 19 दुकानों के खिलाफ कार्यवाही की गई है. इनमें से केवल 1 अवैध चिकन दुकान को बंद करा दिया गया तथा 11 अवैध दुकानों को हटा दिया गया. बाकी पर अर्थदंड लगाया गया. उसके बाद भी रायपुर में धड़ल्ले से चिकन तथा मीट की अवैध दुकानें चल रही है. छत्तीसगढ़ नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 की धारा 255 एवं धारा 257 के अनुसार अर्थदंड एवं आरक्षी पदाधिकारी को कार्यवाही करने का अधिकार है.

उल्लेखनीय है कि चिकन-मटन के दुकानों में साफ-सफाई रखना स्वास्थ्य के लिये अत्यंत जरूरी माना जाता है जबकि इन पर मक्खियां भिनभिनाती रहती हैं. जीव के शरीर से प्राप्त प्रोटीन तापमान बढ़ने पर जल्द ही खराब हो जाते हैं जिससे फूड पायजनिंग हो जाता है. अवैध दुकानों में न तो फ्रीजर होता है और न ही कमरे का तापमान नियंत्रित करने का कोई उपाय होता है.


दरअसल, दुकान का तापमान या फ्रीजर रखने पर अलग से खर्च करना पड़ता है. इसलिये यहां तक की चिकन-मटन के वैध दुकानों में इन सब चीजों का अभाव होता है. नतीजन इनसे पेट की बीमारियां जैसे टाइफाइड, उल्टी, दस्त जैसी बीमारियां हो जाती है. ज्यादातर वैध तथा अवैध मटन के दुकानों में उनके कटने के पहले पशु चिकित्सक से जांच तक नहीं करवाई जाती है कि वह प्राणी स्वस्थ्य है कि नहीं.

यह देखा गया है कि शहर में अवैध रूप से निर्माण कार्य कराने पर सरकारी अमला तुरंत वहां पहुंच जाता है परन्तु लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिये चिकन, मटन तथा मछली के दुकानों के समयबद्ध निरीक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है. हां, जब बर्ड-फ्लू का हौवा फैला था तो तत्परता ने चिकन के दुकानों तथा पौल्ट्री फॉर्म को बंद कराया गया था.

जबकि, दुनियाभर के वायरोलाजिस्ट चीख-चीखकर बता रहे थे कि बर्ड-फ्लू बर्डो की बीमारी है, इसके विषाणु इतने प्रभावकारी नहीं हैं कि मनुष्यों में महामारी का रूप ले सके.

रायपुर में ब्रायलर-मीट दुकानों पर कार्यवाही-
* साल 2015 के अप्रैल माह में डॉ. भीमराव अंबेडकर वार्ड में एक अवैध चिकन सेंटर को बंद करा दिया था. इसी माह पुलिस बल की सहायता से जोन आयुक्त के निर्देश पर 11 अवैध दुकानों को हटा दिया गया था.

* अप्रैल 2016 में जोन क्रमांक 5 में 3 अवैध दुकानों से 6 हजार रुपये का अर्थदंड वसूला गया था. जुलाई 2016 में जोन क्रमांक 6 में एक चिकन दुकान की जांच की गई.

* फरवरी 2017 में कटोरा तालाब के एक पोल्ट्री फॉर्म को 5 हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया गया था. मार्च 2017 में जोन क्रमांक 6 में 1 चिकन सेंटर तथा 1 पोल्ट्री फॉर्म पर 500-500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया.

फोटो: प्रतीकात्मक

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