हसदेव के आदिवासियों ने कहा-राहुल गांधी ने दिया धोखा

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में हसदेव अरण्य के आदिवासियों ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें धोखा दिया है.आदिवासी कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी के इस व्यवहार से सकते में हैं. एक आदिवासी नेता ने कहा- हसदेव पर धोखाधड़ी का नुकसान कांग्रेस पार्टी को उठाना पड़ेगा और अगले साल के चुनाव में पार्टी राज्य की सभी आदिवासी सीटों पर हार का सामना करने के लिए अभी से तैयार हो जाए.

राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के वादे पर भरोसा कर बैठे आदिवासियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ और राजस्थान की कांग्रेस पार्टी की सरकार अडानी के एमडीओ वाली खदानों के लिए वादाखिलाफ़ी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश भर में अडानी-अंबानी के नाम पर भारतीय जनता पार्टी को कोसते हैं. लेकिन उनकी दोनों ही राज्य सरकारें अडानी के एमडीओ वाली खदाने के लिए आदिवासी हितों को दाव पर लगाने पर तुले हुए हैं.


पिछले ही महीने राहुल गांधी ने अडानी के एमडीओ वाले नये कोयला खदानों पर रोक की बात कही थी लेकिन अब उन्हीं खदानों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है.


हसदेव अरण्य में अडानी के एमडीओ वाले तीन खदानों का राहुल गांधी और भूपेश बघेल ने खुद विरोध किया था. लेकिन सरकार बनने के बाद राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार पलटी मार गई.

भूपेश बघेल अडानी के एमडीओ वाले खदानों के पक्ष में खड़े हो गये. उसके लाभ गिनाने लग गए. भूपेश बघेल का तर्क था कि बिजली के लिए कोयला ज़रुरी है.

लेकिन दुनिया भर में जब हसदेव अरण्य के सवाल पर राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की आलोचना शुरु हुई तो कांग्रेस पार्टी को अपना पुराना वादा याद आया.

राहुल गांधी का वादा

कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गांधी ने एक ऐसे ही विदेशी दौरे में कहा कि वे हसदेव अरण्य में चल रहे आदिवासियों के आंदोलन के साथ हैं. उन्होंने वादा किया कि पार्टी के भीतर उनकी बातचीत चल रही है और कुछ सप्ताह में ही इसका असर छत्तीसगढ़ में देखने को मिलेगा.

इसके बाद सरगुजा के कलेक्टर ने पिछले महीने अस्थाई तौर पर नये कोयला खदानों को लेकर चल रही कार्रवाइयों को रोकने की घोषणा की.

कांग्रेस पार्टी ने एक ट्वीट कर के कहा कि आदिवासियों से किया गया वादा राहुल गांधी ने पूरा कर दिया है.


दिलचस्प ये है कि राज्य सरकार की ओर से इस आशय का कोई आदेश जारी नहीं किया गया. मौके पर कोल वॉशरी का काम भी चलता रहा.

अब इन कोयला खदानों के लिए ज़मीन अधिग्रहण का काम भी शुरु कर दिया गया है.

राहुल गांधी से लेकर राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक इस मामले में चुप हैं. जो कहा सो किया, वाले अंदाज में ट्वीट करने वाली कांग्रेस पार्टी की ओर से भी इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी अब तक सामने नहीं आई है.

इधर हसदेव अरण्य में 2 मार्च से आंदोलनरत लोगों ने साफ कहा है कि वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे. एक आदिवासी नेता ने कहा-कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को चुनाव में इसका नुकसान उठाना पड़ेगा, यह बात समझ जाना चाहिए.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!