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नए बजट में दवा, फ़ोन, सोना, चांदी सस्ता

नई दिल्ली | संवाददाता: मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले आम बजट बजट में न्यू टैक्स रिजीम चुनने वालों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार कर दिया गया है. पुराने टैक्स रिजीम में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

एनडीए के सहयोगी दलों को अतिरिक्त लाभ देते हुए आंध्र प्रदेश और बिहार के लिए बजट में अलग से प्रावधान रखा गया है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने मंगलवार को बजट पेश करते हुए कहा कि टीडीएस समय पर जमा नहीं करने को अपराध के दायरे से बाहर रखा जाएगा.

इसके अलावा इनकम टैक्स एक्ट की छह महीने में समीक्षा की जाएगी. इनकम टैक्स को आसान बनाया जाएगा.

बजट की शुरुआत करते हुए ही निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट रोज़गार, प्रशिक्षण, एमएसएमई और मध्यम वर्ग पर केंद्रित रहेगा.

उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोज़गार के लिए बजट में 1.48 लाख करोड़ रुपये रखे गए हैं. इसी तरह 2.66 लाख करोड़ रुपये ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए रखे गए हैं.

कृषि क्षेत्र के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान रखा गया है. निर्मला सीतारमण ने 5 राज्यों में जनसमर्थन आधारित किसान क्रेडिट कार्ड जारी करने की भी घोषणा की.

उन्होंने कहा कि चुने हुए शहरों में 100 साप्ताहिक हट या स्ट्रीट फूड हब बनाए जाएंगे.

पीएम शहरी आवास योजना के तहत एक करोड़ शहरी गरीब एवं मध्यवर्गीय परिवारों को लाभ मिलेगा.

टैक्स

तीन लाख रुपये तक- कोई टैक्स नहीं

3-7 लाख रुपये तक- 5 फ़ीसदी टैक्स

7-10 लाख रुपये तक- 10 फ़ीसदी टैक्स

10-12 लाख रुपये तक- 15 फ़ीसदी टैक्स

12-15 लाख रुपये तक- 20 फ़ीसदी टैक्स

15 लाख से अधिक तक- 30 फ़ीसदी टैक्स

सस्ता

बजट में दवाओं और मेडिकल उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी घटाने का एलान किया गया. इससे कैंसर संबंधी कुछ और दवाओं की कीमतों में कमी आएगी.

फोन और चार्जर पर भी कस्टम ड्यूटी 15 फ़ीसदी घटाई जाएंगी, इससे फ़ोन सस्ते होंगे.

सोने और चांदी पर छह फ़ीसदी कस्टम ड्यूटी घटाने का एलान किया गया है.

25 महत्वपूर्ण खनिजों पर सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी.

महंगा

अमोनियम नाइट्रेट पर कस्टम ड्यूटी 10 फ़ीसदी बढ़ाई गई.

नॉन बायोडिग्रेडबल प्लास्टिक में कस्टम ड्यूटी 25 फ़ीसदी बढ़ाई गई.

शेयर बाज़ार में एक साल से कम वक्त के लिए किए गए निवेश पर टैक्स 15 से बढ़ाकर 20 फ़ीसदी किया गया.

शेयर बाज़ार में एक साल से ज़्यादा वक़्त के निवेश पर टैक्स 10 से बढ़ाकर 12.5 फ़ीसदी किया गया.

कुछ ख़ास तरह के टेलिकॉम उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी 10 से बढ़ाकर 15 फ़ीसदी की गई.

रोजगार और युवाओं के लिए

केंद्र सरकार की ओर से पांच साल में 20 लाख युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी.

घरेलू संस्थानों में पढ़ाई के लिए 10 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन देने का एलान. हर साल एक लाख छात्रों को कर्ज की राशि पर तीन प्रतिशत वार्षिक ब्याज छूट के लिए वाउचर्स किए जाएंगे.

रोज़गार, कौशल प्रशिक्षण और अन्य अवसरों की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए पांच साल में दो लाख करोड़ रुपये ख़र्च किए जाएंगे. इससे 4.1 करोड़ युवाओं को होगा फ़ायदा होगा.

केंद्र सरकार की ओर से पांच साल में 20 लाख युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी.

हब और स्पोक व्यवस्था के तहत पांच साल में एक हजार आईटीआई को हाईटेक किया जाएगा.

शीर्ष कंपनियों में पांच साल में एक करोड़ युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा.

पांच हजार रुपये मासिक मानदेय के साथ 12 महीने के लिए प्रधानमंत्री इंटर्नशिप की योजना शुरु होगी.

ईपीएफओ में पंजीकृत पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को एक महीने के वेतन का सीधा लाभ अनुदान, तीन किस्तों में 15 हजार रुपये तक दिए जाएंगे. सीमा- एक लाख रुपये प्रति महीना वेतन. दो करोड़ से ज़्यादा युवाओं को फ़ायदा होने की उम्मीद.

आंध्र और बिहार के लिए अलग से प्रावधान

आम बजट में बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए अलग से प्रावधान रखे गए हैं.

आम बजट में कहा गया है कि बिहार में नए एयरपोर्ट और पुल बनाए जाएंगे. बिहार सरकार की अतिरिक्त मदद की मांग को माना जाएगा.

पटना-पूर्णिया और बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस वे बनाया जाएगा.

गया और दरभंगा में भी एक्सप्रेसवे बनेगा. इसी तरह बक्सर में गंगा पर दो लेन वाला पुल बनाया जाएगा.

अमृतसर कोलकाता औद्योगिक गलियारे के तहत गया में औद्योगिक केंद्र का विकास करेंगे.

बिहार में बाढ़ रोकने के लिए लगाए जाने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए 11 हज़ार करोड़ रुपये दिए जाएंगे.

बिहार के गया में विष्णुपद और महाबोधि मंदिर को काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर की तर्ज पर ही बनाया जाएगा.

इसी तरह आंध्र प्रदेश में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन एक्ट के तहत अतिरिक्त मदद मुहैया करवाई जाएगी.

साथ ही 15 हज़ार करोड़ रुपये नई राजधानी के विकास के लिए आंध्र प्रदेश को आने वाले सालों में दिए जाएंगे.

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