छत्तीसगढ़ प्राध्यापक भर्ती पर हाईकोर्ट का नोटिस

बिलासपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की एक चयन सूची पर हाईकोर्ट ने आयोग से जवाब-तलब किया है. आरोप है कि आयोग ने सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा के कॉमर्स के अभ्यर्थियों को अंक बताए बिना चयन सूची जारी कर दी.

कांग्रेस सरकार के शासनकाल में आयोजित प्राध्यापक परीक्षा के खिलाफ़, पहले से ही हाईकोर्ट में दस से अधिक मामले दायर हो चुके हैं.


गौरतलब है कि नई सरकार के आने के महीने भर बाद ही जनवरी 2019 में सहायक प्राध्यापक के 1384 पद के भर्ती के लिए विज्ञापन निकाले गये थे. इनमें 184 पद कॉमर्स के प्राध्यापकों के लिए थे.

प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में लगभग दो साल लग गए और नवंबर 2020 में सहायक प्राध्यापकों की परीक्षा हुई.

जब प्राध्यापक भर्ती परीक्षा के परिणाम जारी किए गये तो 179 प्रतियोगियों की सूची जारी की गई. पांच पदों के परिणाम जारी ही नहीं किए गये.

लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने साक्षात्कार के लिए बुलाया गया और उसके परिणाम जारी कर दिए गये.

इसके बाद कुछ प्रतिभागियों ने बिना अंक सार्वजनिक किए चयन सूची जारी किए जाने को लेकर आशंका जताई और हाईकोर्ट में याचिका दायर की.

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कॉमर्स प्राध्यापकों की परीक्षा में कई प्रभावशाली लोगों के परिजन शामिल हुए थे. संभवतः उनका चयन करने के लिए दूसरे प्रतिभागियों के अंक सार्वजनिक नहीं किए गये.

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