छत्तीसगढ़

डायरिया-मलेरिया को लेकर बिलासपुर में हाई अलर्ट

बिलासपुर। संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में डायरिया और मलेरिया का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है. जिले में मरीज दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं. इसे देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया गया है. कलेक्टर अवनीश शरण ने सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं.

इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत ग्रमीण विभाग एवं नगर निगम को अलर्ट मोड पर रखा गया है. कलेक्टर ने लोगों से साफ-फसाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है.

बिलासपुर जिले में गुरुवार और शुक्रवार दो दिनों में मलेरिया के 17 और डायरिया के 27 नए मरीज मिले हैं. कोटा और रतनपुर में मलेरिया और डायरिया का संक्रमण सबसे ज्यादा है.

रतनपुर इलाके में अब तक डायरिया के 733 मरीज मिल चुके हैं, वहीं कोटा में 88 मरीजों की पहचान की गई है. गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों का सिम्स में इलाज किया जा रहा है. अब तक जिले में मलेरिया से 4 और डायरिया से 1 मरीज की मौत हो चुकी है.

जिले के रतनपुर क्षेत्र में डायरिया ने सबसे पहले पैर पसारा था. तब से लेकर अब तक यहां की स्थिति में बहुत अधिक सुधार नहीं हुआ है. वर्तमान में क्षेत्र के नवागांव, बारीडीह, सिंघरी जैसे दर्जनभर ग्रामीण इलाकों में डायरिया फैला हुआ है. यहां के 27 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, वहीं 19 गंभीर मरीजों को उच्च उपचार के लिए रेफर किया गया है.

रतनपुर के लगभग सभी मोहल्लों से डायरिया के मरीज मिल रहे हैं.

कोटा संवेदनशील घोषित

कोटा ब्लॉक के 54 गांवों को मलेरिया के लिए अति संवेदनशील घोषित किया गया है.

कोटा क्षेत्र के टेंगनमाड़ा, बेलगहना, करवा, केंदा, आमागोहन समेत लगभाग 54 गांवों में मलेरिया फैला हुआ है. दो दिन पहले ही यहां मलेरिया के 16 नए मरीजों की पहचान की गई थी.

पिछले एक सप्ताह के अंदर क्षेत्र से 54 मरीज मिले हैं. इसमें से 5 मरीजों की हालत गंभीर हैं, उन्हें इलाज के लिए सिम्स में भर्ती कराया गया है.

स्वास्थ्य विभाग ने यहां के 500 से ज्यादा लोगों का ब्लड टेस्ट किया है.

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों की संख्या इससे अधिक हो सकती है. जिन लोगों का ब्लड टेस्ट किया गया है, उनमें से अभी कई लोगों की जांच रिपोर्ट नहीं आई है.

वहीं बुखार से काफी लोग पीड़ित हैं, उनका मलेरिया टेस्ट होना बाकी है.

प्रशासन ने झोंकी ताकत

इधर प्रशासन ने मलेरिया को नियंत्रण में लाने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. क्षेत्र के प्रभावित गांवों में मोबाइल जांच वैन से लोगों की जांच की जा रही है.

गांवों में शिविर लगाकर भी जांच हो रही है. टीम घर-घर पहुंचकर सर्वे कर रही है. प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक मच्छर रोधी दवा छिड़काव भी किया जा रहा है.

क्षेत्र में इन दिनों लगातार बारिश हो रही है, इस वजह से स्वास्थ्य कर्मियों को पहुंच विहीन गांवों तक पहुंचने में काफी परेशानी हो रही है. बुधवार को एक टीम गांव छिंदवाड़ा पहुंची, यहां जाने के लिए रास्ता तक नहीं है.

डायरिया-मलेरिया पर हाईकोर्ट सख्त

छत्तीसगढ़ में डायरिया, मलेरिया सहित स्वास्थ्य संबंधी अन्य मामले में हो रही मौतों को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने इस तरह के मामले को जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की है.

बिलासपुर, बस्तर और सरगुजा संभाग में मलेरिया और डायरिया से अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है.

बुधवार को कोटा विकासखंड के टेंगनमाड़ा में दो भाइयों इमरान और इरफान की कोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के दौरान मौत हो गई थी.

इसके अलावा कोटा ब्लॉक में ही कांवड़ में मरीज को ढोने सहित कई घटनाएं सामने आ चुकी है.

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