अब जेल में नहीं है कोई पत्रकार

रायपुर | संवाददाता: संतोष यादव अकेले भारतीय पत्रकार थे, जो भारत की जेल में थे.

उनकी रिहाई के बाद कम से कम भारतीय जेलों में कोई भी पत्रकार कैद नहीं है.


कमेटी टू प्रोटेस्ट जर्नलिस्ट की पिछले साल प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार भारतीय जेलों में संतोष के अलावा कोई और पत्रकार नहीं था.

माओवाद प्रभावित बस्तर के दरभा इलाके में रहने वाले संतोष को 29 सितंबर 2015 को माओवादियों के साथ हिंसक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उनके अलावा इसी दौर में प्रभात सिंह, दीपक जायसवाल और सोमारु नाग को गिरफ़्तार किया गया था. हालांकि इन सबों को बाद में जमानत मिल गई थी.

संतोष यादव 520 दिनों तक जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत पा कर रिहा हुये हैं.

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