सीआरपीएफ गोलीकांड: आरोपी रितेश और 3 मृतक बिहार के

पटना | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सुकमा में चार सीआरपीएफ जवानों की मौत के बाद बिहार में भी शोक की लहर है. इस घटना में मारे गये तीन जवान बिहार के ही हैं. एक मृतक जवान बंगाल का था.

दूसरी ओर अपने चार साथियों की गोली मारने के आरोपी रितेश रंजन बिहार के जहानाबाद के घोसी थाना के वैना गांव का रहने वाले हैं.


उन्होंने 2011 में सीआरपीएफ में नौकरी की शुरुआत की थी. 2014 में उनकी शादी हुई थी और उसका तीन साल का एक बच्चा भी है.

वह दो महीने पहले ही छुट्टी में घर आये थे. वह इस महीने भी छुट्टी में आने वाले थे. लेकिन उन्हें छुट्टी नहीं मिली थी.

गौरतलब है कि पुलिस के अनुसार मराईगुड़ा थाना के लिंगमपल्ली स्थित सीआरपीएफ की 50वीं बटालियन के बेस कैंप में जवान रितेश रंजन का अपने साथियों के साथ विवाद हुआ था.

कुछ समय पहले ही विवाद की स्थिति के बाद रितेश रंजन का हथियार उनसे ले कर जमा करा लिया गया था.

सोमवार को तड़के उन्होंने किसी दूसरे सहयोगी का हथियार ले कर सो रहे साथियों पर गोलीबारी शुरु कर दी.

इस घटना में दो जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य जवानों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

इस गोलीबारी में तीन जवान घायल हुए हैं.

मारे जाने वाले तीन जवान भी बिहार के ही हैं.

मृतक धनजी सिंह, कैमूर के नोआं थाने के सातोवती गांव के रहने वाले थे. राजमणि कुमार यादव आरा के बिहिया थाने के हरदिया गांव के रहने वाले थे.

इसी तरह धर्मेंद्र कुमार रोहतास के संझौली थाने के गरुरा गांव के रहने वाले थे.

इधर इस घटना के बाद सीआरपीएफ के प्रवक्ता ने कहा है कि आरोपी जवान कथित तौर पर ‘भावनात्मक तनाव’ से गुजर रहा था.

प्रवक्ता के अनुसार इसी कारण अचानक उसने मनोवैज्ञानिक संतुलन खो दिया.

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